वर्ष 1990 के वायुसेना जवानों पर हमले के मामले में चश्मदीद ने एक अन्य आरोपी की पहचान की

Ads

वर्ष 1990 के वायुसेना जवानों पर हमले के मामले में चश्मदीद ने एक अन्य आरोपी की पहचान की

  •  
  • Publish Date - January 31, 2026 / 10:43 PM IST,
    Updated On - January 31, 2026 / 10:43 PM IST

जम्मू, 31 जनवरी (भाषा) जनवरी 1990 में श्रीनगर में भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के जवानों पर हुए आतंकवादी हमले से जुड़े मामले में शनिवार को यहां एक विशेष अदालत में एक प्रत्यक्षदर्शी ने जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक के करीबी सहयोगी शौकत बख्शी की हमलावरों में से एक के रूप में पहचान की।

इससे पहले जनवरी 2024 में, इस आतंकी हमले में जीवित बचे पूर्व आईएएफ कॉरपोरल राजवर उमेश्वर सिंह ने विशेष सीबीआई अदालत में यासीन मलिक की मुख्य शूटर के रूप में शिनाख्त की थी।

श्रीनगर के बाहरी इलाके रावलपोरा में 25 जनवरी 1990 को हुए इस हमले में स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना सहित वायुसेना के चार कर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि 40 अन्य लोग घायल हुए थे। आईएएफ के कर्मचारी ड्यूटी के लिए पुराने श्रीनगर एयरफील्ड जाने हेतु अपने पिकअप वाहन का इंतजार कर रहे थे, तभी आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी कर दी थी।

इस मामले में 31 अगस्त 1990 को यासीन मलिक और शौकत बख्शी सहित पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ यहां विशेष टाडा अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया था।

आईएएफ कर्मियों की हत्या के मामले में अन्य आरोपियों में जेकेएलएफ के कार्यकर्ता अली मोहम्मद मीर, मंजूर अहमद सोफी उर्फ मुस्तफा, जावेद अहमद मीर उर्फ ‘नलका’, जावेद अहमद जरगर और सलीम उर्फ नानाजी शामिल हैं।

अतिरिक्त वरिष्ठ महाधिवक्ता मोनिका कोहली ने बताया कि अभियोजन पक्ष के गवाह, जो स्वयं आईएएफ के कर्मचारी और इस हमले में जीवित बचे लोगों में से एक हैं, ने शौकत बख्शी की पहचान की।

कोहली सीबीआई की वरिष्ठ लोक अभियोजक हैं।

भाषा राखी पवनेश

पवनेश