वांगचुक के समर्थन में न्यूयॉर्क और सैन होजे में प्रदर्शन
वांगचुक के समर्थन में न्यूयॉर्क और सैन होजे में प्रदर्शन
(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 22 जुलाई (भाषा) अमेरिका स्थित एक अधिकार समूह के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) के आयोजन में कथित अनियमितताओं को लेकर नयी दिल्ली में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के प्रति एकजुटता जताने के लिए न्यूयॉर्क और सैन होजे में प्रदर्शन किए।
‘हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’ के कार्यकर्ता सोमवार शाम न्यूयॉर्क शहर के यूनियन स्क्वायर और सैन होजे में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास एकत्र हुए। उन्होंने हाथों में तख्तियां थाम रखी थीं जिन पर वांगचुक के समर्थन में नारे लिखे थे।
कार्यकर्ताओं ने भारत सरकार के खिलाफ भी नारे लगाए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
‘हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’ ने मंगलवार को यहां जारी एक बयान में बताया कि लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग और डबलिन स्थित भारतीय दूतावास के बाहर भी इसी तरह के प्रदर्शन किए गए।
समूह ने बयान में कहा, ‘‘हमारे प्रदर्शनों ने स्पष्ट संदेश दिया कि चाहे न्यूयॉर्क हो या लंदन, सैन होजे हो या डबलिन, भारत के विद्यार्थियों के साथ निष्पक्षता और सम्मान से व्यवहार किया जाना चाहिए।’’
उसने कहा, ‘‘भारत के युवा ईमानदार जवाब और ऐसा भविष्य चाहते हैं जिस पर वे भरोसा कर सकें। भारतीय नागरिकों को खुली बातचीत और सुधार का अधिकार है तथा अब समय आ गया है कि भारत सरकार जवाबदेही स्वीकार करे।’’
‘हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स’ ने इस सप्ताह की शुरुआत में भारत सरकार से वांगचुक और नीट परीक्षा के आयोजन में कथित अनियमितताओं को लेकर भूख हड़ताल कर रहे अन्य प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने का आग्रह किया था।
तीन सप्ताह से अधिक समय तक भूख हड़ताल करने के कारण वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के बाद दिल्ली पुलिस शनिवार को उन्हें जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।
भाषा सिम्मी शफीक
शफीक

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