क्या वेनेजुएला में आया भूकंप ‘डबलेट’? जानिए अब तक क्या जानकारी आई सामने
क्या वेनेजुएला में आया भूकंप ‘डबलेट’? जानिए अब तक क्या जानकारी आई सामने
(मार्क क्विग्ली, यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबर्न)
मेलबर्न, 26 जून (द कन्वरसेशन) उत्तरी वेनेजुएला में बुधवार शाम स्थानीय समयानुसार छह बजे के बाद लोगों ने एक के बाद एक आए भूकंप के जोरदार झटके महसूस किये।
पहला भूकंप याराकुई की राजधानी सैन फेलिपे के निकट आया और इसके महज 39 सेकंड बाद दूसरा भूकंप पहले स्थान से पांच से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित युमारे कस्बे के पास आया।
भूकंप के शक्तिशाली झटके पूरे क्षेत्र में महसूस किए गए, जिनमें वेनेजुएला की राजधानी कराकास भी शामिल है।
भूकंप के कारण कई इमारतें ढह गईं और अधिकारियों के अनुसार मृतकों की संख्या हजारों में पहुंचने की आशंका है।
तेज झटकों के अलावा, पूरे क्षेत्र में भूस्खलन और मिट्टी धंसने जैसी घटनाओं की भी आशंका है।
ये भूकंप एक पर्वतीय क्षेत्र में आए, जहां पहाड़ी ढलानों से अक्सर मिट्टी या चट्टानें खिसकती रहती हैं।
वहीं, कराकास के नीचे मौजूद तलछट की प्रकृति भूकंपीय तरंगों को और अधिक तीव्र कर देती है, जिससे भूकंप से होने वाला नुकसान बढ़ जाता है।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, वेनेजुएला में एक के बाद एक भूकंप आए थे। पहला झटका 7.2 तीव्रता का था जबकि 39 सेकंड बाद आये दूसरे भूकंप की तीव्रता 7.5 रही।
क्या होता है भूकंप ‘डबलेट’?
‘डबलेट’ भूकंप का एक ऐसा प्रकार है, जब कम समय के अंतराल पर भूकंप की अलग-अलग तीव्रता वाले झटके महसूस किये जाते हैं और पहले प्रभावित स्थान के निकट दूरी पर दूसरा भूकंप आता है।
सामान्य भूकंप में एक बड़े भूकंप के बाद हल्के-हल्के झटके महसूस किये जाते हैं जबकि ‘डबलेट’ में लगभग समान तीव्रता वाले दो भूकंप एक के बाद एक आते हैं और ये आपस में कहीं न कहीं जुड़े होते हैं लेकिन भूकंप विज्ञान की दृष्टि से अलग-अलग माने जाते हैं।
इसका अर्थ है कि दोनों भूकंपों से उत्पन्न भूकंपीय तरंगों के बीच समय का अंतर होता है या वे अलग-अलग स्रोतों से उत्पन्न होती हैं।
वेनेजुएला में हालांकि आए इन भूकंपों के केंद्र एक-दूसरे से केवल कुछ किलोमीटर की दूरी पर थे लेकिन अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण से प्राप्त जानकारी से संकेत मिलता है कि संभवतः उनकी उत्पत्ति अलग-अलग भ्रंशों से हुई थी और उनकी प्रक्रिया भी अलग-अलग प्रकार की थी।
यह इस क्षेत्र में सक्रिय भ्रंशों के पहले से तैयार मानचित्रों के अनुरूप है। इन मानचित्रों में चट्टानें पूर्व-पश्चिम दिशा में एक-दूसरे के समानांतर खिसकती हैं और इनके साथ विभिन्न दिशाओं में फैले छोटे-छोटे भ्रंशों के समूह जुड़े होते हैं।
आशंका है कि पहले भूकंप ने ही दूसरे भूकंप को उत्पन्न किया हो। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि पहले भूकंप के दौरान पृथ्वी की ऊपरी सतह में हुए विस्थापन ने दूसरे भूकंप के स्रोत भ्रंश पर दबाव बढ़ा दिया हो।
भ्रंश का अर्थ पृथ्वी की पपड़ी या चट्टानों में पड़ने वाली वह दरार या विभंग है, जहां दबाव या खिंचाव के कारण चट्टानी खंड अपनी जगह से टूटकर ऊपर-नीचे या आगे-पीछे खिसक जाते हैं।
इसके अलावा, पहले भूकंप से उत्पन्न भूकंपीय तरंगों के गुजरने से आसपास के पहले से ही टूटने की स्थिति में मौजूद भ्रंश सक्रिय हो गए हों और उनके टूटने से दूसरा भूकंप आया हो।
‘डबलेट’ भूकंप अपेक्षाकृत दुर्लभ होते हैं लेकिन ऐसे मामले सामने आते रहे हैं।
वर्ष 2023 में तुर्किये और सीरिया में 7.8 और 7.7 तीव्रता वाले भूकंप के झटके महसूस किये गये थे।
ये दोनों भूकंप एक-दूसरे से महज 95 किलोमीटर और नौ घंटे के अंतर पर आए थे, जिससे 1.4 करोड़ लोग प्रभावित हुए व भारी तबाही हुई।
वर्ष 1988 में ऑस्ट्रेलिया के टेनेंट क्रीक में ‘ट्रिपलेट’ आया था, यानी एक के बाद एक तीन भूकंप, जो एक-दूसरे से केवल आधे घंटे के अंतराल पर आए थे।
वेनेजुएला में भूकंप की आशंका इतनी अधिक क्यों?
वेनेजुएला में आए ये भूकंप कैरेबियाई और दक्षिण अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेटों के बीच स्थित विस्तृत स्थलीय सीमा क्षेत्र में आए थे।
उत्तरी वेनेजुएला में ये प्लेटें एक-दूसरे के समानांतर खिसकती रहती हैं।
कैरेबियाई प्लेट दक्षिण अमेरिकी प्लेट की तुलना में पूर्व दिशा की ओर बढ़ रही है, जिससे दोनों के बीच हर वर्ष लगभग 20 मिलीमीटर की गति से सरकाव होता है।
इसके कारण बोकोनो, सैन सेबास्टियन और एल पिलार जैसे बड़े स्ट्राइक-स्लिप भ्रंश तंत्र बनते हैं।
यह सक्रिय प्लेट सीमा लगातार भूकंपों को जन्म देती है, जिनमें से कुछ काफी विनाशकारी भी साबित हो सकते हैं।
अतीत में भी इस क्षेत्र में कई बड़े भूकंप आ चुके हैं।
इनमें वर्ष 1900 में कराकास में आया 7.7 तीव्रता का भूकंप और वर्ष 1967 में आया 6.5 तीव्रता का भूकंप शामिल हैं।
द कन्वरसेशन जितेंद्र गोला
गोला

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