Donald Trump Againts NATO: ‘अमेरिका के बिना NATO सिर्फ कागज़ का शेर’.. आखिर क्यों खफा है राष्ट्रपति ट्रम्प और किसे कहा ‘कायर?’..
Donald Trump Againts NATO Countries: डोनाल्ड ट्रंप ने NATO देशों को कहा कायर, ईरान संघर्ष और तेल कीमतों को लेकर बढ़ा वैश्विक तनाव
Donald Trump Againts NATO Countries || Image- Alabama Reflector FILE
- ट्रंप ने NATO देशों को बताया कायर
- ईरान संघर्ष से बढ़ा वैश्विक तनाव
- तेल कीमतों में भारी उछाल
वाशिंगटन डीसी: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य मदद नहीं देने पर अपने सहयोगी देशों को “कायर” कहा है। (Donald Trump Againts NATO Countries) उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर लिखा- “कायर! हम याद रखेंगे”
NATO देशों के असहयोग पर भड़के ट्रम्प
ट्रम्प ने NATO के खिलाफ पोस्ट करते हुए लिखा कि, “अमेरिका के बिना, नाटो एक कागज़ी शेर है! वे परमाणु-सशस्त्र ईरान को रोकने की लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते थे। अब जब वह लड़ाई सैन्य रूप से जीत ली गई है, और उनके लिए बहुत कम खतरा था, तो वे उन ऊंची तेल कीमतों की शिकायत करते हैं जिन्हें उन्हें चुकाना पड़ रहा है, लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ खोलने में मदद नहीं करना चाहते-जो एक साधारण सैन्य कार्रवाई है और वही ऊंची तेल कीमतों का मुख्य कारण है। यह उनके लिए करना बहुत आसान है, और जोखिम भी बहुत कम है। कायर-और हम इसे याद रखेंगे!
Trump:
Without the U.S.A., NATO IS A PAPER TIGER! They didn’t want to join the fight to stop a Nuclear Powered Iran.
Now that fight is Militarily WON, with very little danger for them, they complain about the high oil prices they are forced to pay, but don’t want to help open… pic.twitter.com/XEuHn2fxOh
— Clash Report (@clashreport) March 20, 2026
दुनियभर में गहरा रहा ऊर्जा संकट
ईरान से चल रहे संघर्ष के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 108 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है, जो युद्ध से पहले लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल थी। (Donald Trump Againts NATO Countries) तेल की कीमत बढ़ने से दुनिया भर में ईंधन, खाद्य पदार्थ और रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। एशियाई देशों पर इसका ज्यादा असर पड़ रहा है, क्योंकि यहां अधिकतर तेल इसी रास्ते से आता है।
इस संकट का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। तेल के अलावा कई जरूरी कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जैसे कंप्यूटर चिप बनाने में इस्तेमाल होने वाला हीलियम और उर्वरक बनाने में काम आने वाला सल्फर। इनकी कमी के कारण आने वाले समय में कई उत्पादों की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर क्या है विश्व जगत का रवैय्या?
तनाव के बीच यूरोप के कई देशों और जापान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सहयोग करने की बात कही है। (Donald Trump Againts NATO Countries) ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और नीदरलैंड ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान की कार्रवाई की निंदा की है। इन देशों ने ईरान से हमले रोकने, समुद्री रास्तों में बाधा न डालने और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की अपील की है। यह बयान कीयर स्टारमर के कार्यालय की ओर से जारी किया गया।
ईरान और अमेरिका के बीच जारी यह संघर्ष अब 21वें दिन में पहुंच चुका है और होर्मुज़ जलडमरूमध्य अभी भी लगभग बंद है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी क्षेत्र में कई हमले किए हैं। अब तक 23 व्यावसायिक जहाज, जिनमें 10 तेल टैंकर शामिल हैं, हमलों का शिकार हो चुके हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता और बढ़ गई है।
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