trump on india/ image source: IBC24
Donald Trump on Trade Deal: नई दिल्ली: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान आया है। ट्रंप का बयान भारत को लेकर आया है। वॉशिंगटन डीसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील और टैरिफ नीति पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “कुछ नहीं बदलेगा-भारत टैरिफ देगा और हम नहीं देंगे। वे हमें सालों से लूट रहे थे, इसलिए हमने भारत के साथ डील की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील और टैरिफ नीति पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “कुछ नहीं बदलेगा-भारत टैरिफ देगा और हम नहीं देंगे। वे हमें सालों से लूट रहे थे, इसलिए हमने भारत के साथ डील की। हम उन्हें टैरिफ नहीं दे रहे और वे दे रहे हैं, हमने पलटी मारी है।” ट्रंप ने संकेत दिया कि उनकी सरकार अमेरिका के हितों को प्राथमिकता देते हुए व्यापार नीति में सख्त रुख बनाए रखेगी। ट्रंप की यह प्रतिक्रिया उस फैसले के बाद आई जिसमें यूनाइटेड स्टेट्स सुप्रीम कोर्ट ने उनकी टैरिफ नीति को अवैध करार दिया। फैसले से नाराज ट्रंप ने कहा कि अदालत का निर्णय निराशाजनक है और इससे अमेरिका के आर्थिक हित प्रभावित होंगे, लेकिन उनकी सरकार टैरिफ नीति को आगे बढ़ाने के लिए अन्य विकल्पों पर काम जारी रखेगी ताकि “जो देश हमें लूटते रहे हैं” उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रह सके।
यही नहीं, राष्ट्रपति ने और भी खई बयान दिए हैं ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनका लक्ष्य अमेरिका को फिर से महान बनाना है और इसके लिए वे टैरिफ नीति को और आक्रामक बनाएंगे। उन्होंने संकेत दिया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद उनके पास कई मजबूत विकल्प मौजूद हैं और वे अन्य कानूनी व प्रशासनिक नियमों के जरिए टैरिफ लागू करेंगे। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी भी देश के साथ व्यापार रोकने या सीमित करने की शक्ति रखता है और जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग किया जाएगा।
राष्ट्रपति ने घोषणा की कि अमेरिका 10 प्रतिशत का ग्लोबल टैरिफ लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके अलावा कुछ विशेष उत्पादों और देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ भी लगाया जा सकता है, जो शुरुआती तौर पर पांच महीनों के लिए प्रभावी रहेगा। ट्रंप ने दावा किया कि टैरिफ से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा होगा और सरकार की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उनके अनुसार टैरिफ नीति के जरिए अमेरिका पहले भी आर्थिक दबाव बनाकर आठ संभावित युद्धों को रोक चुका है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिप्पणी करते हुए ट्रंप ने कहा कि अदालत ने ऐसे समय में हस्तक्षेप किया है जब अमेरिका वैश्विक व्यापार संतुलन सुधारने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ न्यायाधीश वैश्विक व्यापार तंत्र और विदेशी कंपनियों के हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जबकि उनकी सरकार अमेरिकी उद्योगों और नौकरियों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। ट्रंप ने कहा कि “यह फैसला मुझे रोकने के लिए था, लेकिन इससे मेरी राजनीतिक और कानूनी स्थिति और मजबूत हुई है।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि उनकी प्रशासनिक टीम नए नियमों और आपात व्यापार प्रावधानों पर काम कर रही है, जिनके जरिए टैरिफ को अलग कानूनी आधार पर लागू किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अमेरिका और सख्त कदम उठाएगा ताकि वैश्विक व्यापार में अमेरिका के हित सुरक्षित रहें। ट्रंप ने दोहराया कि टैरिफ केवल राजस्व का साधन नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता का उपकरण है।