Aaj Ka Panchang 21 February 2026: आज के पंचांग में छिपा है सफलता का गुप्त समय..! सिर्फ कुछ मिनट की पूजा से भगवान गणेश देंगे मनचाहा वरदान!
Aaj Ka Panchang 21 February 2026: पंचांग के अनुसार आज फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि है, जिसे विनायक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा और व्रत करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं
aaj ka panchang/ image source: freepik
- विनायक चतुर्थी पर शुभ योग
- गणेश पूजा का श्रेष्ठ दिन
- अभिजीत मुहूर्त में करें पूजा
Aaj Ka Panchang 21 February 2026: नई दिल्ली: पंचांग के अनुसार आज फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि है, जिसे विनायक चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विधिवत पूजा और व्रत करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। आज कई शुभ योग भी बन रहे हैं, जिससे यह तिथि विशेष फलदायी मानी जा रही है। आइए विस्तार से जानते हैं 21 फरवरी 2026 का आज का पंचांग।
कैसा रहेगा आज का दिन ?
आज शनिवार के दिन शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि दोपहर 01:00 बजे तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। विक्रम संवत 2082 तथा पूर्णिमांत फाल्गुन मास चल रहा है। आज सूर्योदय सुबह 06:54 बजे और सूर्यास्त शाम 06:15 बजे होगा। चंद्रमा का उदय सुबह 08:56 बजे तथा चंद्रास्त रात 10:16 बजे होगा। सूर्यदेव वर्तमान में कुंभ राशि में स्थित हैं, जबकि चंद्रदेव शाम 07:07 बजे तक मीन राशि में विराजमान रहेंगे।
योग व करण
आज शुभ योग दोपहर 03:51 बजे तक रहेगा, जो मांगलिक कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। करणों में विष्टि करण दोपहर 01:00 बजे तक रहेगा, इसके बाद बव करण प्रारंभ होकर 22 फरवरी की रात 12:06 बजे तक रहेगा।
आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त
आज अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:12 बजे से 12:58 बजे तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इसके अलावा अमृत काल शाम 04:49 बजे से 06:21 बजे तक रहेगा, जो विशेष लाभकारी समय है। राहुकाल सुबह 09:45 बजे से 11:10 बजे तक रहेगा, इस अवधि में नए कार्य प्रारंभ करने से बचना चाहिए। गुलिकाल सुबह 06:54 बजे से 08:19 बजे तक तथा यमगण्ड दोपहर 02:00 बजे से 03:25 बजे तक रहेगा।
आज चंद्रदेव रेवती नक्षत्र में शाम 07:07 बजे तक विराजमान रहेंगे। इस नक्षत्र के स्वामी बुधदेव हैं तथा राशि स्वामी बृहस्पति देव माने जाते हैं। रेवती नक्षत्र के देवता पूषा हैं, जिनका प्रतीक मछली है। इस नक्षत्र में जन्मे या कार्य करने वाले जातक सामान्यतः अंतर्ज्ञानी, बुद्धिमान, आशावादी, आकर्षक और साहसी स्वभाव के माने जाते हैं।

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