इक्वाडोर का यानाकोचा अभयारण्य ‘ब्लैक-ब्रेस्टेड पफलेग’ हमिंगबर्ड का बना आखिरी ठिकाना

इक्वाडोर का यानाकोचा अभयारण्य 'ब्लैक-ब्रेस्टेड पफलेग' हमिंगबर्ड का बना आखिरी ठिकाना

इक्वाडोर का यानाकोचा अभयारण्य ‘ब्लैक-ब्रेस्टेड पफलेग’ हमिंगबर्ड का बना आखिरी ठिकाना
Modified Date: January 23, 2026 / 04:11 pm IST
Published Date: January 23, 2026 4:11 pm IST

क्विटो (इक्वाडोर), 23 जनवरी (एपी) इक्वाडोर के एंडीज पहाड़ों में स्थित ‘यानाकोचा अभयारण्य’ अब मानवीय अतिक्रमण को लेकर वन्यजीवों के लिए आखिरी सुरक्षित ठिकाना बन गया है। यह जंगल ‘ब्लैक-ब्रेस्टेड पफलेग’ नामक दुर्लभ नन्ही हमिंगबर्ड के लिए भी अंतिम शरणस्थल है, जो विलुप्त होने की कगार पर है।

यह पक्षी केवल नौ सेंटीमीटर लंबा होता है और क्विटो का प्रतीक पक्षी माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) के अनुसार, अब दुनिया में इनकी संख्या सिर्फ 150 से 200 के बीच रह गई है।

संरक्षणवादी पाओला विलाल्बा ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ (एपी) को बताया कि इस जंगल को बचाने से केवल इस पक्षी को ही नहीं, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को भी संरक्षित किया जा रहा है।

ऊंचाई वाले इन जंगलों को खेती और पशुओं के घास चरने के लिए काटा जा रहा है जिससे इस पक्षी का अस्तित्व संकट में है।

इस पक्षी की पहचान इसके काले रंग के सीने और पैरों के पास मौजूद सफेद ‘पतलूननुमा’ पंखों से की जाती है।

पक्षी एवं संरक्षण फाउंडेशन की शर्ली फैरिनांगो का कहना है कि पफलेग पक्षी के अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा खतरा यह है कि यह समुद्र तल से 3,000 से 3,500 मीटर की ऊंचाई पर रहता है, जिसे खेती के लिए सबसे आदर्श क्षेत्र माना जाता है।

अब, संरक्षणकर्ता क्विटो से 45 किलोमीटर दूर पिचिंचा ज्वालामुखी की ढलानों पर मौजूद बादल से घिरे इस जंगल को फिर से बहाल करने की कोशिश कर रहे हैं।

भाषा प्रचेता वैभव

वैभव


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