(मार्जेना बेकर, ऑस्ट्रेलियन कैथोलिक विश्वविद्यालय)
सिडनी, 19 सितंबर (द कन्वरसेशन) कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) लोगों के कामकाज के तरीकों और उनके लिए आवश्यक कौशल में बदलाव ला रही है। जैसे-जैसे काम का स्वरूप बदल रहा है, वैसे-वैसे एक नौकरी से दूसरी नौकरी और कभी-कभी एक उद्योग से दूसरे उद्योग में जाने का महत्व बढ़ सकता है।
महिलाओं के लिए बदलावों के अनुरूप खुद को ढालने का दबाव विशेष रूप से अधिक हो सकता है। ‘जॉब्स एंड स्किल्स ऑस्ट्रेलिया’ ने पाया है कि पुरुषों की तुलना में महिलाओं पर एआई बदलावों का प्रभाव अधिक पड़ता है, जिसका मुख्य कारण वे उद्योग और व्यवसाय हैं जिनमें वे काम करती हैं।
इसका यह मतलब नहीं है कि नौकरियां पूरी तरह खत्म हो जाएंगी, बल्कि इसका अर्थ यह है कि एआई के कारण काम करने के तरीकों में बदलाव आने की संभावना है। कई कर्मचारियों को नये कौशल सीखने और खुद को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप ढालने की जरूरत होगी, जबकि कुछ लोगों को पूरी तरह अलग नौकरियों या उद्योगों में जाना पड़ सकता है।
इस बदलाव को लेकर वर्तमान में हो रही ज्यादातर चर्चा कर्मचारियों पर केंद्रित है और उन्हें नये कौशल सीखने, दोबारा प्रशिक्षण लेने और खुद को अधिक अनुकूल बनाने की जरूरत है।
इस कहानी का हालांकि दूसरा पहलू भी है। विभिन्न क्षेत्रों के नियोक्ताओं को भी इस बात को तय करने के अपने तरीकों में अधिक लचीला रुख अपनाने की जरूरत पड़ सकती है कि वास्तव में कौन सा अनुभव मायने रखता है।
अन्य क्षेत्रों से निर्माण उद्योग में आई महिलाओं के साथ किए गए हमारे शोध से पता चलता है कि नियोक्ताओं को भी बदलाव करने की जरूरत होगी, खासकर इस बात को पहचानने के तरीके में कि दूसरे क्षेत्रों और उद्योगों में हासिल किए गए अनुभव को कैसे महत्व दिया जाए। उद्योग बदलने का मतलब यह नहीं है कि शुरुआत शून्य से ही करनी पड़े।
हमने ऑस्ट्रेलिया की निर्माण कंपनियों में काम करने वाली 655 महिलाओं पर अध्ययन किया। इनमें से कुछ ने अपने करियर की शुरुआत निर्माण क्षेत्र से की थी, जबकि कुछ अन्य स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, परिवहन, वित्त, आतिथ्य या विनिर्माण जैसे क्षेत्रों से इस क्षेत्र में आई थीं।
करियर बदलने वाली ये महिलाएं वर्षों के दौरान विकसित किये गये कई कौशल अपने साथ लेकर आईं, जिनमें प्रबंधन, संचार, सहयोग, समन्वय और अनुभव शामिल थे। वाणिज्यिक पायलट के रूप में काम करने के बाद इंजीनियरिंग परामर्श के क्षेत्र में आने वाली एक महिला ने कहा, ‘‘मेरे पास काफी अनुभव है और मेरे पास कई ऐसे प्रासंगिक कौशल भी हैं, जिनके बारे में मुझे लगता है कि मैं इस क्षेत्र में योगदान कर सकती हूं।’’
लेकिन अलग-अलग पेशेवर पृष्ठभूमियों से इन कौशलों का होना और नियोक्ता से उन्हें मान्यता दिलवा पाना, दोनों अलग-अलग बातें हैं।
ऑस्ट्रेलिया का निर्माण उद्योग पहले से ही पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की तलाश की चुनौती से जूझ रहा है। निर्माण क्षेत्र में लगभग 20,000 नौकरियां अभी भी रिक्त हैं, जबकि इस उद्योग के 13.7 लाख कर्मचारियों में महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 13 प्रतिशत है।
वास्तव में किसे उद्योग के अनुभव की जरूरत होती है?
इसका यह मतलब नहीं है कि नियोक्ताओं को उद्योग से जुड़े अनुभव को नजरअंदाज कर देना चाहिए, निश्चित रूप से नहीं। इन महत्वपूर्ण कौशलों को सीखने में समय लगता है।
भर्ती करने वाले जिन प्रबंधकों का हमने साक्षात्कार लिया, उनका कहना था कि विशेषज्ञ भूमिकाओं के लिए निर्माण या इंजीनियरिंग क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। लेकिन उन्होंने यह भी माना कि लोगों के लिए दूसरे उद्योगों से प्रशासन, वित्त, सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी काम जैसी भूमिकाओं में आने की काफी अधिक संभावनाएं हैं। इन नौकरियों में, अन्य क्षेत्रों में विकसित किए गए कौशल काफी उपयोगी हो सकते हैं, जबकि उद्योग से जुड़ा अनुभव कई बार सीखा जा सकता है।
यह करियर बदलने वाले लोगों के बारे में सोचने का एक अलग तरीका सुझाता है।
किसी उम्मीदवार ने पहले हमारे उद्योग में काम किया है या नहीं, केवल यह पूछने के बजाय नियोक्ता ये सवाल पूछ सकते हैं:
— वह व्यक्ति इस भूमिका में कौन से मौजूदा कौशल लेकर आ सकता है?
— वह क्या सीख सकता है?
— और किन चीजों के लिए वास्तव में विशेष प्रशिक्षण या अनुभव की आवश्यकता होती है?
कौशल पर ध्यान दें
यह बात निर्माण क्षेत्र से आगे भी महत्वपूर्ण है। जैसे-जैसे एआई नौकरियों और आवश्यक कौशल में बदलाव ला रहा है, वैसे-वैसे कर्मचारियों से अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव करने और खुद को नए हालात के अनुरूप ढालने की अपेक्षा बढ़ती जाएगी।
लेकिन करियर में बदलाव और परिस्थितियों के अनुरूप ढलना केवल कर्मचारियों की बदलाव के लिए तैयार रहने की इच्छा पर निर्भर नहीं करता। अगर हम चाहते हैं कि एआई के कारण काम के तरीके बदलने पर कर्मचारी खुद को अधिक अनुकूल बना सकें, तो नियोक्ताओं को भी बदलाव के लिए तैयार होना होगा।
(द कन्वरसेशन)
देवेंद्र माधव
माधव