ग्रीनलैंड पर ‘कब्जे’ संबंधी ट्रंप की टिप्पणी के बीच डेनमार्क, ग्रीनलैंड के दूतों की व्हाइट हाउस अधिकारियों से मुलाकात

ग्रीनलैंड पर ‘कब्जे’ संबंधी ट्रंप की टिप्पणी के बीच डेनमार्क, ग्रीनलैंड के दूतों की व्हाइट हाउस अधिकारियों से मुलाकात

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  • Publish Date - January 9, 2026 / 11:00 AM IST,
    Updated On - January 9, 2026 / 11:00 AM IST

वॉशिंगटन, नौ जनवरी (एपी) डेनमार्क और ग्रीनलैंड के वॉशिंगटन स्थित दूतों ने रणनीतिक रूप से अहम आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड पर ‘कब्जा’ करने संबंधी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी के बाद अमेरिकी सांसदों और ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क तेज कर दिया है।

डेनमार्क के राजदूत जेस्पर मोलर सोरेन्सन और वॉशिंगटन में ग्रीनलैंड के मुख्य प्रतिनिधि जैकब इस्बोसेथसेन ने बृहस्पतिवार को व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अधिकारियों से मुलाकात की। डेनिश सरकार के उन अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बैठक में ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को, संभवतः सैन्य बल के जरिए, हासिल करने के नए प्रयासों पर चर्चा हुई।

व्हाइट हाउस ने इस बैठक को लेकर टिप्पणी के अनुरोध पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

दूतों ने इस सप्ताह अमेरिकी सांसदों के साथ भी कई बैठकें की हैं, ताकि ट्रंप को अपने रुख से पीछे हटने के लिए राजी करने में समर्थन जुटाया जा सके। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के अगले सप्ताह डेनमार्क के अधिकारियों से मिलने की उम्मीद है।

बृहस्पतिवार को प्रकाशित न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि वह केवल लंबे समय से चले आ रहे उस समझौते पर निर्भर रहने के बजाय पूरे ग्रीनलैंड का स्वामित्व चाहते हैं, जो अमेरिका को ग्रीनलैंड में सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की व्यापक अनुमति देता है।

ट्रंप ने कहा, “मालिकाना हक आपको वह चीज देता है, जो किसी पट्टे या संधि से नहीं मिल सकती। सिर्फ दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से जो नहीं मिलता, वह स्वामित्व से मिलता है।”

अमेरिका 1951 की एक संधि का पक्षकार है, जिसके तहत उसे डेनमार्क और ग्रीनलैंड की सहमति से वहां सैन्य अड्डे स्थापित करने के व्यापक अधिकार प्राप्त हैं।

इस बीच, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संवाददाताओं से कहा कि यूरोपीय नेताओं को “अमेरिकी राष्ट्रपति को गंभीरता से लेना चाहिए” और उन्होंने इस मुद्दे को रक्षा से जुड़ा बताया।

वेंस ने कहा, “हम अपने यूरोपीय मित्रों से कह रहे हैं कि वे उस भूभाग की सुरक्षा को अधिक गंभीरता से लें, क्योंकि यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो अमेरिका को कुछ कदम उठाने पड़ेंगे।”

डेनिश अधिकारी रुबियो के साथ आगामी बातचीत को लेकर आशान्वित हैं। डेनमार्क के रक्षा मंत्री ट्रोल्स लुंड पॉल्सन ने डेनिश प्रसारक ‘डीआर’ से कहा, “यह वही संवाद है जिसकी जरूरत है, जैसा कि ग्रीनलैंड सरकार के साथ मिलकर हमारी सरकार ने अनुरोध किया है।”

आर्कटिक सर्कल के ऊपर स्थित लगभग 80 प्रतिशत क्षेत्रफल वाले ग्रीनलैंड में करीब 56,000 लोग रहते हैं, जिनमें ज्यादातर इनुइट समुदाय से हैं।

एपी मनीषा देवेंद्र

देवेंद्र