रूसी आक्रमण के चार साल होने पर यूक्रेन के प्रति समर्थन व्यक्त करने कीव पहुंचे यूरोपीय अधिकारी

रूसी आक्रमण के चार साल होने पर यूक्रेन के प्रति समर्थन व्यक्त करने कीव पहुंचे यूरोपीय अधिकारी

रूसी आक्रमण के चार साल होने पर यूक्रेन के प्रति समर्थन व्यक्त करने कीव पहुंचे यूरोपीय अधिकारी
Modified Date: February 24, 2026 / 05:07 pm IST
Published Date: February 24, 2026 5:07 pm IST

कीव, 24 फरवरी (एपी) रूस के पूर्ण आक्रमण के चार साल हो गए और यूक्रेन के प्रति समर्थन जताते हुए एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ यूरोपीय अधिकारी मंगलवार को कीव पहुंचे।

रूस यूक्रेन युद्ध में हजारों लोग मारे गए हैं और इसने यूरोपीय नेताओं को महाद्वीप पर रूस की महत्वाकांक्षा को लेकर चिंतित कर दिया है।

वाशिंगटन स्थित थिंक टैंक ‘इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर’ के अनुसार, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि उनके देश ने रूस की बड़ी और बेहतर सुसज्जित सेना के हमले का सामना किया है, जिसने पिछले एक साल में यूक्रेन के केवल 0.79 प्रतिशत क्षेत्र पर कब्जा किया है।

जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘आक्रमण की शुरुआत को याद करते हुए और आज की स्थिति पर विचार करते हुए, हमें यह कहने का पूरा अधिकार है: हमने अपनी स्वतंत्रता की रक्षा की है, हमने देश का अपना दर्जा नहीं खोया है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ‘‘अपने लक्ष्यों को प्राप्त नहीं कर पाए हैं।’’

ज़ेलेंस्की ने कहा, “वह यूक्रेनवासियों को तोड़ नहीं पाये। उन्होंने यह युद्ध नहीं जीता है।’’

हालांकि, जैसे-जैसे इस विनाशकारी युद्ध का पांचवा वर्ष शुरू हो रहा है, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप के इस सबसे बड़े सशस्त्र संघर्ष के अंत के लिए अमेरिका के नेतृत्व में किए जा रहे राजनयिक प्रयास शांति संधि को संभव बनाने वाले किसी भी समझौते तक पहुंचते हुए नजर नहीं आ रहे हैं।

पुतिन के व्यापक लक्ष्यों को लेकर चिंताओं के बीच यूरोपीय नेताओं को यूक्रेन में अपने देशों की सुरक्षा खतरे में दिख रही है। उन्होंने मांग की है कि अमेरिका की मध्यस्थता से चल रही वार्ता में उनके नेताओं से परामर्श किया जाए।

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ‘एक्स’ पर लिखा, “चार साल से, यूक्रेनवासियों और सिर्फ उनके लिए ही नहीं, बल्कि हम सबके लिए हर दिन और हर रात एक बुरे सपने जैसी रही है, क्योंकि युद्ध यूरोप की दहलीज तक पहुंच चुका है।’’

उन्होंने कहा, “हम इसे तभी खत्म कर सकते हैं जब हम सब मिलकर मजबूत हों, क्योंकि यूक्रेन का भविष्य हमारा भविष्य है।”

इस युद्ध ने यूक्रेन से परे कई देशों को घसीट लिया है, जिससे संघर्ष को एक वैश्विक आयाम मिल गया है और विकासशील देशों में कमी, भूख और राजनीतिक अस्थिरता के और भी बदतर होने का खतरा पैदा हो गया है।

मंगलवार को कीव का दौरा करने वाले यूरोपीय अधिकारियों में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ-साथ सात प्रधानमंत्री और तीन विदेश मंत्री शामिल थे।

यूक्रेन विदेशी सहायता के बिना रूस के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने में असमर्थ है, इसलिए नाटो देश अब सैन्य सहायता प्रदान कर रहे है और अमेरिकी हथियार खरीद रहे हैं, क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने वाशिंगटन की पिछली नीति से अलग होकर कीव को हथियार देना बंद कर दिया है।

एपी

राजकुमार मनीषा

मनीषा


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