गूगल पर 34 अरब का जुर्माना, ये आरोप लगाए गए
गूगल पर 34 अरब का जुर्माना, ये आरोप लगाए गए
अमेरिकी कंपनी गूगल पर 34 अरब का जुर्माना लगाया गया है। ये फाइन यूरोपियन यूनियन रेग्युलेटर्स ने लगाया है। जो 5 बिलियन डॉलर का है। गूगल पर आरोप है कि उसने अपने एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम की मार्केट में पहुंच का गलत इस्तेमाल किया है। इसके अलावा ये भी कहा गया है कि गूगल ने कथित तौर पर स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों को एंड्रॉयड फोर्क्ड वर्जन पर चलने वाले डिवाइस बनाने नहीं दिया है। यूरोपीय संघ की प्रतिस्पर्धा आयुक्त मार्गरेट वेस्टगर ने गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई को मंगलवार रात फोन कर कार्रवाई की जानकारी दी है। ऐसी आशंका है कि इससे अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार युद्ध को लेकर तनाव बढ़ सकता है।
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यह जुर्माना गैरकानूनी तरीके से ऐंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल अपने सर्च इंजन के फायदे के लिए करने के आरोप में लगाया है। यूरोपीय यूनियन के कमिश्नर मारग्रेथ वेस्टेजर ने कहा, ‘गूगल ने ऐंड्रॉयड का इस्तेमाल अपने सर्च इंजन को मजबूत करने के लिए किया है। यह यूरोपीय यूनियन के ऐंटीट्रस्ट नियमों के हिसाब से गैरकानूनी है।’ उन्होंने कहा, ‘गूगल को 90 दिनों के भीतर इसे बंद कर देना चाहिए वरना उसे अल्फाबेट से होने वाली आमदनी का 5 प्रतिशत रोज जुर्माने के तौर पर भरना पड़ेगा।’
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वहीं इस पर गूगल का कहना है कि वह इस जुर्माने के खिलाफ अपील करेगा। गूगल के प्रवक्ता अल वर्नी ने कहा, ‘ऐंड्रॉयड लोगों को ज्यादा विकल्प देने के लिए बनाया गया है। यह रैपिड इनोवेशन और अच्छी सुविधाओं की कीमत कम करने में मदद करता है।’ इससे पहले यूरोपीय यूनियन ने गूगल पर 2.4 अरब यूरो का जूर्माना लगाया था। इस बार लगा जुर्माना पिछले से दोगुना है।
वेब डेस्क, IBC24

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