ढाका, 30 जून (भाषा) बांग्लादेश के एक न्यायाधिकरण ने अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के एक सहयोगी को 2024 में सड़कों पर प्रदर्शनों के दौरान “मानवता के खिलाफ अपराध” करने के आरोप में मंगलवार को 10 साल की जेल की सजा सुनाई।
वामपंथी विचारधारा वाले राजनेता हसनुल हक इनू ने 2012 से 2018 तक हसीना की गठबंधन सरकार में मंत्री के तौर पर काम किया, लेकिन उसके बाद से उनका उस सरकार से कोई संबंध नहीं रहा।
मुक्ति संग्राम (1971) के पूर्व सैनिक और जातीय समाजतांत्रिक दल के अध्यक्ष इनू पर आरोप है कि उन्होंने 2024 के विद्रोह के दौरान अपने गृह जिले कुश्तिया में पुलिस को छह लोगों की हत्या करने का आदेश दिया, प्रदर्शनकारियों पर हमले के लिए उकसाया और हसीना के साथ टेलीफोन पर संपर्क बनाए रखा, जो अगस्त 2024 में भारत चली गयी थीं।
बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने इनू को सज़ा सुनाई, जिन पर आठ अलग-अलग आरोपों में व्यक्तिगत रूप से मुक़दमा चलाया गया था।
अन्य आरोपों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ “जानलेवा बल” के इस्तेमाल के लिए उकसाना और सेना की तैनाती, कर्फ्यू लगाने और “देखते ही गोली मारने” के आदेशों से जुड़े फ़ैसलों में सीधे तौर पर शामिल होना शामिल था।
न्यायाधिकरण के मुख्य अभियोजक अमीनुल इस्लाम ने कहा, “हम इस फैसले से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। हमें लगता है कि उसे मौत की सज़ा मिलनी चाहिए थी। हम निश्चित रूप से इस फैसले के खिलाफ (उच्चतम न्यायालय में) अपील करेंगे।”
इनू के वकील सिफत महमूद ने कहा कि उनके मुवक्किल को राजनीतिक दुश्मनी के कारण इस मामले में “घसीटा” गया।
उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी ने जिरह के दौरान माना कि उन्हें कुश्तिया में हुई कथित छह हत्याओं के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, जो इस मामले के आरोपों में से एक था।
भाषा प्रशांत पवनेश
पवनेश