मुंबई, 30 जून (भाषा) बड़े उद्योगों को दिए गए ऋण में तेज वृद्धि और सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (एमएसई) क्षेत्र में मजबूत कर्ज विस्तार के कारण मई, 2026 में उद्योग क्षेत्र को बैंक कर्ज सालाना आधार पर 17.5 प्रतिशत बढ़ा है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के मंगलवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
आरबीआई के मई, 2026 के क्षेत्रवार बैंक ऋण वितरण आंकड़ों के अनुसार, 31 मई, 2026 को समाप्त पखवाड़े में गैर-खाद्य बैंक ऋण में सालाना आधार पर 17.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। एक साल पहले इसी अवधि में यह वृद्धि 8.8 प्रतिशत थी।
इसी अवधि में कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों को दिया गया ऋण भी 14.9 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में इसमें 7.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
आरबीआई ने कहा कि उद्योग क्षेत्र को बैंक ऋण में 17.5 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह वृद्धि 5.3 प्रतिशत थी।
केंद्रीय बैंक ने कहा कि सूक्ष्म एवं लघु तथा मझोले उद्योगों को दिए गए ऋण में मजबूत वृद्धि जारी रही, जबकि बड़े उद्योगों को कर्ज वितरण में और तेजी आई।
प्रमुख उद्योगों में अवसंरचना, इंजीनियरिंग, कपड़ा, निर्माण, पेट्रोलियम, कोयला उत्पाद एवं परमाणु ईंधन तथा रसायन एवं रसायन उत्पाद क्षेत्रों को दिए गए ऋण में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
हालांकि, रबड़ एवं प्लास्टिक उत्पाद तथा लकड़ी एवं लकड़ी उत्पाद क्षेत्रों को दिए गए ऋण की वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी रही।
व्यक्तिगत ऋण श्रेणी में भी सालाना आधार पर 15.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि एक वर्ष पहले यह वृद्धि 11.1 प्रतिशत थी।
इस दौरान वाहन ऋण और आवास ऋण में स्थिर वृद्धि रही, जबकि क्रेडिट कार्ड बकाया की वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ी।
सेवा क्षेत्र को दिया गया बैंक ऋण सालाना आधार पर 20.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में इसमें 8.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
आरबीआई ने बताया कि ये आंकड़े 41 चयनित अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों से प्राप्त किए गए हैं, जिनकी हिस्सेदारी सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के कुल गैर-खाद्य ऋण में लगभग 95 प्रतिशत है।
भाषा योगेश अजय
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