सेबी ने नवीनीकरण शुल्क न भरने पर 15 शोध विश्लेषकों का पंजीकरण रद्द किया

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सेबी ने नवीनीकरण शुल्क न भरने पर 15 शोध विश्लेषकों का पंजीकरण रद्द किया

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  • Publish Date - June 30, 2026 / 07:05 PM IST,
    Updated On - June 30, 2026 / 07:05 PM IST

नयी दिल्ली, 30 जून (भाषा) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने मंगलवार को 15 शोध विश्लेषकों का पंजीकरण रद्द कर दिया क्योंकि वे जरूरी नवीनीकरण शुल्क नहीं भर पाए थे।

यह आदेश नियामक द्वारा शुरू की गई संक्षिप्त कार्यवाही के बाद आया है, जब शोध विश्लेषक बार-बार मौका मिलने के बावजूद अपना पंजीकरण नवीनीकृत नहीं करा पाए।

जिन 15 इकाइयों का पंजीकरण रद्द किया गया है, उनमें बिपिन मणिलाल सावला, कम्फर्ट सिक्योरिटीज लिमिटेड, सुदीप बंद्योपाध्याय, आइडियल एसोसिएट्स, कल्पेश राठी और कृष्णमूर्ति सेतुरामन शामिल हैं।

सेबी (शोध विश्लेषक) नियमन, 2014 के तहत, हर पंजीकृत शोध विश्लेषक को अपना पंजीकरण चालू रखने के लिए प्रत्येक पांच साल में नवीनीकरण शुल्क भरना होता है।

हालांकि, ये 15 इकाइयां अपनी तय तारीखों (जो जून, 2020 से जुलाई, 2024 के बीच थीं) के बाद भी शुल्क नहीं भर पाईं।

इसके बाद, सेबी ने फरवरी, 2025 में इन इकाइयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए।

पूंजी बाजार नियामक ने देखा कि हालांकि इकाइयों ने जवाब दिया, लेकिन किसी ने भी नवीनीकरण शुल्क न भरने के मामले में कोई दस्तावेजी सबूत पेश नहीं किया।

अपने आदेश में, नियामक ने कहा कि पंजीकरण रद्द करने का मकसद समयसीमा पूरा कर चुके पंजीकरण प्रमाणपत्र का अनजान निवेशकों द्वारा गलत इस्तेमाल रोकना है।

इसने यह भी साफ किया कि पंजीकरण रद्द होने के बावजूद, ये इकाइयां ‘शोध विश्लेषक के तौर पर किए गए या न किए गए किसी भी काम के लिए जिम्मेदार’ बनी रहेंगी।

सेबी की मुख्य महाप्रबंधक, सोमा मजूमदार ने आदेश में कहा, ‘‘मैं, अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए… इसके जरिये नोटिस पाने वाले नंबर एक से 15 तक के शोध विश्लेषकों के पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द करती हूं।’’

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय