फ्रांसीसी-ईरानी शोधकर्ता को ईरान ने ‘फरलो’ पर रिहा किया : वकील

फ्रांसीसी-ईरानी शोधकर्ता को ईरान ने ‘फरलो’ पर रिहा किया : वकील

फ्रांसीसी-ईरानी शोधकर्ता को ईरान ने ‘फरलो’ पर रिहा किया : वकील
Modified Date: November 29, 2022 / 08:55 pm IST
Published Date: October 5, 2020 4:45 am IST

तेहरान (ईरान), पांच अक्टूबर (एपी) ईरान ने देश की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार एक प्रख्यात शोधकर्ता को अनिश्चितकाल के लिए फरलो पर रिहा किया है। शोधकर्ता के पास फ्रांस और ईरान की दोहरी नागरिकता है। शोधकर्ता के वकील ने यह जानकारी दी।

फरलो में कैदी को कुछ समय के लिए तय नियमों के तहत जेल से बरी किया जाता है।

वकील सईद देहगान ने बताया कि फरीबा अदेलखाह को हालांकि पूरी तरह से बरी नहीं किया गया है लेकिन उन्हें “अगले आदेश तक” अनिश्चित काल के लिए फरलो दिया गया है।

देहगान ने बताया कि अदेलखाह को शनिवार रात में जेल से रिहा किया गया और तब से वह अपनी बहन और बहनोई के यहां तेहरान में रूकी हुई हैं। उन्हें फरलो पर रहते हुए एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पहनने की जरूरत है और इस दौरान उन्हें अपनी बहन के घर के 300 मीटर के दायरे में ही रहना होगा। देहगान ने कहा, ‘ उन्हें इससे ज्यादा मिलना चाहिए। उन्हें पूरी तरह रिहा किया जाना चाहिए।’’

ईरान ने इस साल कोरोना वायरस महामारी के बीच संक्रमण के प्रसार को देखते हुए हजारों कैदियों को फरलो दिया है। अदेलखाह के वकील ने हालांकि इस बारे में जानकारी नहीं दी कि क्या उन्हें संक्रमण के प्रसार के डर से फरलो दिया गया है।

ईरान के अधिकारियों ने भी इस पर टिप्पणी के लिए किए गए फोन कॉल का तत्काल जवाब नहीं दिया है।

जून में ईरान की एक अपीली अदालत ने अदेलखाह को देश की सुरक्षा के खिलाफ ‘चीजें संग्रहित करने के लिए’ पांच साल की सजा सुनाई थी। उन्हें इस्लामी व्यवस्था के खिलाफ ‘गलत प्रचार’ के लिए भी एक साल की सजा सुनाई गई थी।

एपी स्नेहा प्रशांत

प्रशांत


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