पश्चिम एशिया में फंसे यात्रियों की वापसी के लिए विभिन्न देशों की सरकारों ने प्रयास तेज किए

पश्चिम एशिया में फंसे यात्रियों की वापसी के लिए विभिन्न देशों की सरकारों ने प्रयास तेज किए

पश्चिम एशिया में फंसे यात्रियों की वापसी के लिए विभिन्न देशों की सरकारों ने प्रयास तेज किए
Modified Date: March 5, 2026 / 10:54 am IST
Published Date: March 5, 2026 10:54 am IST

दुबई, पांच मार्च (एपी) पश्चिम एशिया में ईरान युद्ध का दायरा फैलने और बड़े हिस्से में हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण दुबई समेत कई शहरों में फंसे हजारों यात्रियों की स्वदेश वापसी के लिए विभिन्न देशों की सरकारें निकासी उड़ानों की व्यवस्था कर रही हैं।

इजराइल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले तथा इसके बाद ईरान की कार्रवाई के मद्देनजर उड़ानें बड़े पैमाने पर रद्द हुई हैं जिससे लोग ओमान, मिस्र और सऊदी अरब जैसे मार्गों के जरिए बाहर निकलने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन इसके लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।

पश्चिम एशिया के बड़े हिस्से का हवाई क्षेत्र बंद होने और हवाई हमलों के तेज होने के साथ, उत्तरी अमेरिका और अफ्रीका से लेकर यूरोप और दक्षिण-पूर्व एशिया तक कई देशों की सरकारें अपने नागरिकों को स्वदेश लाने की कोशिशों में जुटी हैं।

अधिकारियों ने फंसे यात्रियों को ओमान, मिस्र और सऊदी अरब के रास्ते निकालने के लिए विशेष विमानों की व्यवस्था की या सैन्य विमानों को तैनात किया। ओमान, मिस्र और सऊदी अरब प्रमुख निकास बिंदु बनकर उभरे हैं क्योंकि उन देशों में विमान अब भी उतर सकते हैं और उड़ान भर सकते हैं।

ओमान और फिर मिस्र से फ्रांसीसी नागरिकों को लेकर एक विमान बुधवार तड़के पेरिस में उतरा। यह फ्रांस सरकार द्वारा अपने नागरिकों को लाने से लिए भेजी गई पहली उड़ान थी। सरकार ने इसी प्रकार कई उड़ानों का प्रबंध किया है।

इसी तरह इटली ने अपने छात्रों के एक समूह को दुबई से निकाला। तुर्कमेनिस्तान की सख्त वीजा नीतियों के बावजूद, 16 देशों के 200 से अधिक लोग उस देश के जरिए जमीन के रास्ते ईरान से रवाना हुए।

लोगों को स्वदेश वापस लाने के प्रयासों में तेजी आई है लेकिन कई ऐसे यात्री भी हैं जिनके सामने इंतजार करने या वाणिज्यिक उड़ानों में सीट हासिल करने की कोशिश करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

विमानन विश्लेषण कंपनी ‘सिरियम’ के अनुसार, युद्ध शुरू होने से लेकर बृहस्पतिवार तक पश्चिम एशिया में आने-जाने वाली लगभग 44,000 उड़ानों में से 23,000 से अधिक रद्द कर दी गई हैं।

विमानों की उड़ान पर नजर रखने वाली सेवा ‘फ्लाइटअवेयर’ ने बुधवार को दुनियाभर में 2,400 से अधिक उड़ानें रद्द होने की सूचना दी जबकि इससे पहले सोमवार को लगभग 3,150 उड़ानें रद्द की गई थीं।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बताया कि उनके देश के लगभग 4,00,000 नागरिकों के पश्चिम एशिया के संघर्षग्रस्त क्षेत्र में फंसे होने की आशंका है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर अमेरिकियों को निकालने में मदद करने का संकल्प जताया।

मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने बुधवार को कहा कि उनके देश के अब तक लगभग 280 नागरिकों को संकटग्रस्त क्षेत्र से निकाला गया है।

विदेश मामलों की मंत्री हेलेन मैकेंटी ने कहा कि अनुमानित 22,000 से 23,000 आयरिश नागरिक पश्चिम एशिया में थे। आयरिश सरकार ने कहा कि वह आगामी दिनों में ओमान से लगभग 280 लोगों के लिए एक विशेष विमान की व्यवस्था करने की योजना भी बना रही है।

नॉर्वे के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह दुबई में एक ‘‘आपातकालीन टीम’’ भेज रहा है ताकि उसके दूतावास की उस टीम को मजबूत किया जा सके, जो शहर में पंजीकृत अनुमानित 1,500 नॉर्वेजियन नागरिकों की मदद कर रही थी।

अधिकारियों ने बताया कि इंडोनेशिया के पर्यटन द्वीप बाली में लगभग 6,000 लोग फंसे हुए हैं क्योंकि दुबई, अबू धाबी और दोहा के लिए उनकी उड़ानें रद्द हो गई हैं।

भाषा सिम्मी वैभव

वैभव


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