ईरान में शिया धार्मिक स्थल पर हमला करने वाले बंदूकधारी की मौत, रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दी चेतावनी

ईरान में शिया धार्मिक स्थल पर हमला करने वाले बंदूकधारी की मौत, रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दी चेतावनी

ईरान में शिया धार्मिक स्थल पर हमला करने वाले बंदूकधारी की मौत, रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दी चेतावनी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:49 pm IST
Published Date: October 29, 2022 4:45 pm IST

दुबई, 29 अक्टूबर (एपी) दक्षिणी ईरान में एक प्रमुख शिया धार्मिक स्थल पर इस सप्ताह की शुरुआत में 15 लोगों की हत्या करने वाले बंदूकधारी की शनिवार को मौत हो गयी। ईरानी मीडिया की खबर में यह जानकारी दी गयी है।

पिछले महीने से देश में हो रहे प्रदर्शनों में शामिल होने के खिलाफ ईरानियों को अर्द्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा चेतावनी दिये जाने के बीच यह खबर आई है।

इस हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली थी, लेकिन ईरान की सरकार ने देश में फैले विरोध प्रदर्शनों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया था।

शिराज में हुई गोलीबारी की घटना में मारे गये लोगों की अंत्येष्टि में रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल हुसैन सलामी ने ईरानियों से प्रदर्शन बंद करने को कहा। गोलाबारूद, दंगा रोधी छर्रों और आंसू गैस गोले के जरिये प्रदर्शनकारियों पर रिवोल्युशनरी गार्ड तथा अन्य सुरक्षा बलों की हिंसक कार्रवाई के बीच उन्होंने यह चेतावनी दी।

सलामी ने कहा, ‘‘आज दंगे खत्म हो गये। अब सड़कों पर नहीं जाइए। हम हमारे युवाओं से कह रहे हैं कि बुरी हरकतें छोड़ दीजिए। इस देशद्रोह का परिणाम आपको खुशी नहीं देगा। अपना भविष्य बर्बाद नहीं करें।’’

उल्लेखनीय है कि ये प्रदर्शन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान के सत्तारूढ़ मौलवियों के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गये हैं।

ईरान की अर्द्धसरकारी फार्स और तस्नीम समाचार एजेंसियों के अनुसार, ईरानी प्राधिकारियों ने हमलावर के बारे में जानकारियों का खुलासा नहीं किया है। हमलावर की शनिवार को दक्षिण शिराज शहर के एक अस्पताल में मौत हो गयी। उसे गिरफ्तारी के दौरान चोटें आयी थीं।

अधिकारियों ने बंदूकधारी की राष्ट्रीयता या उसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। उसने बुधवार को ईरान में शिया समुदाय के दूसरे सबसे पवित्र धार्मिक स्थल शाह चिराग में घातक हमला किया था।

यह हमला ऐसे वक्त में किया गया है जब ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं। ईरान के एक मानवाधिकार कार्यकर्ता समूह के मुताबिक देश के 125 से अधिक शहरों में फैल चुके इन प्रदर्शनों में कम से कम 270 लोगों की मौत हो गयी है और 14,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

एपी सुभाष माधव

माधव


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