हूती विद्रोहियों ने रियाद पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने की कोशिश की: सऊदी अरब

हूती विद्रोहियों ने रियाद पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने की कोशिश की: सऊदी अरब

हूती विद्रोहियों ने रियाद पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने की कोशिश की: सऊदी अरब
Modified Date: September 20, 2026 / 08:28 am IST
Published Date: September 20, 2026 8:28 am IST

काहिरा, 20 सितंबर (एपी) सऊदी अरब ने शनिवार को पुष्टि की कि यमन के हूती विद्रोहियों ने बैलिस्टिक मिसाइल से उसकी राजधानी रियाद को निशाना बनाने की कोशिश की।

ईरान समर्थित विद्रोहियों के साथ संघर्ष तेज होने के बाद रियाद को निशाना बनाने की यह पहली कोशिश है। हूती विद्रोहियों ने ईरान युद्ध में एक नया मोर्चा खोल दिया है।

हूती विद्रोहियों से लड़ रहे सऊदी अरब नीत गठबंधन ने तड़के की गई इस कोशिश के काफी देर बाद बयान जारी कर कहा कि मिसाइल को बीच में ही रोक दिया गया। रियाद के कुछ निवासियों ने विस्फोट की आवाज सुनी।

बाद में कुछ लोगों ने हवाई अड्डे के पास धुएं का गुबार देखा। किसी के हताहत होने या किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

बयान में यह भी कहा गया कि हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के बंदरगाह शहर यनबू में असैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की कोशिश की। सऊदी अरब की एक प्रमुख पाइपलाइन यहीं समाप्त होती है। इसके अलावा ताइफ, बैश और फरसान में भी हमले के प्रयास किए गए लेकिन उन्हें नाकाम कर दिया गया। गठबंधन ने इस बारे में और जानकारी नहीं दी।

हूती विद्रोहियों ने इससे पहले बिना कोई सबूत दिए दावा किया था कि उन्होंने रियाद में ‘‘संवेदनशील ठिकानों’’ और यनबू में सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको के प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जिससे ‘‘भीषण आग’’ लग गई।

दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको ने इस संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की है।

होर्मुज जलडमरूमध्य के बाद एक अन्य महत्वपूर्ण वैश्विक नौवहन मार्ग के पास बढ़ते संघर्ष ने बाजारों पर नया दबाव पैदा कर दिया है।

हूती सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने दावा किया कि उन्होंने क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ-साथ ड्रोन से भी हमले किए।

उन्होंने बिना कोई विवरण दिए कहा कि सऊदी अरब ने पड़ोसी यमन में विद्रोहियों के कब्जे वाले सना शहर को निशाना बनाने की कोशिश की। ‘एसोसिएटेड प्रेस’ स्वतंत्र रूप से इन दावों की पुष्टि नहीं कर सका।

हाल के दिनों में संघर्ष लगातार तेज हुआ है। सऊदी अरब के असैन्य सुरक्षा विभाग ने इन हमलों में पहली बार बृहस्पतिवार को किसी आम नागरिक की मौत की जानकारी देते हुए कहा था कि हूती ड्रोन को बीच में रोके जाने के बाद उसका मलबा गिरने से सऊदी अरब में रहने वाले यमन के एक नागरिक की मौत हो गई।

सऊदी अरब ने बुधवार को कहा था कि हूती विद्रोहियों ने इस्लाम के सबसे पवित्र शहर माने जाने वाले मक्का को ड्रोन से निशाना बनाने की कोशिश की जिसे बीच में ही रोक दिया गया। हूती विद्रोहियों ने इस आरोप से सख्ती से इनकार किया था।

सऊदी अरब के करीबी सहयोगी अमेरिका ने संकेत दिया है कि फिलहाल हूती विद्रोहियों के साथ उसका कोई संघर्ष नहीं है। क्षेत्रीय अधिकारियों ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि सऊदी अरब के पास मिसाइल रोधी अवरोधकों की संख्या कम होती जा रही है और उसने फ्रांस, ब्रिटेन, पाकिस्तान और मिस्र से सहयोग मांगा है।

इस बीच, यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब समर्थित अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के बीच लड़ाई तेज हो गई है।

विद्रोही एक सप्ताह से अधिक समय पहले देश के लाल सागर तट पर तेजी से आगे बढ़े और उन्होंने अहम बंदरगाह शहर मोखा तथा लाल सागर के दक्षिणी छोर पर बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के द्वीपों पर कब्जा कर लिया।

इससे वहां से गुजरने वाले जहाजों पर उनकी निगरानी बढ़ गई है, हालांकि हूती विद्रोहियों का कहना है कि वे केवल सऊदी अरब के जहाजों को निशाना बना रहे हैं।

यमन में जारी यह संघर्ष चार साल की अपेक्षाकृत शांति के बाद विनाशकारी गृहयुद्ध की वापसी का भी संकेत है।

एपी

सिम्मी गोला

गोला


लेखक के बारे में