गर्मी में व्यायाम कितना सुरक्षित? जानिए किन बातों का रखें ध्यान

गर्मी में व्यायाम कितना सुरक्षित? जानिए किन बातों का रखें ध्यान

गर्मी में व्यायाम कितना सुरक्षित? जानिए किन बातों का रखें ध्यान
Modified Date: January 7, 2026 / 12:52 pm IST
Published Date: January 7, 2026 12:52 pm IST

(सैमुएल चारमेल्स – एडिलेड विश्वविद्यालय एवं यूरी होसोकावा – वासेदा विश्वविद्यालय )

सिडनी, सात जनवरी (द कन्वरसेशन) यदि आप बाहर व्यायाम करना पसंद करते हैं, तो गर्मियों में दिन की रोशनी अधिक समय तक मिलने से यह आसान हो जाता है। लेकिन जब तापमान बहुत अधिक हो जाये, तब सवाल उठता है कि ऐसी स्थिति में व्यायाम करना कितना सुरक्षित है।

साल भर नियमित व्यायाम स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, लेकिन गर्मी और उमस में शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि कब गर्मी जोखिम भरी हो सकती है।

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— स्वास्थ्य जोखिम क्या हैं? —

सामान्य तौर पर शरीर का आंतरिक तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस रहता है। लेकिन गर्म और उमस भरे मौसम में व्यायाम करने से शरीर के तापमान को नियंत्रित करने की प्रक्रिया पर अधिक दबाव पड़ता है। शरीर के तापमान में लगभग तीन डिग्री की वृद्धि भी ‘एक्सर्शनल हीट इलनेस’ का कारण बन सकती है। इसके हल्के लक्षणों में सिरदर्द और चक्कर आना शामिल हैं, जबकि गंभीर मामलों में दौरा पड़ना, बेहोशी या मौत तक हो सकती है।

‘एक्सर्शनल हीट इलनेस’ शारीरिक गतिविधि के दौरान या तुरंत बाद होने वाली ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर का तापमान बहुत बढ़ जाता है और शरीर खुद को ठंडा करने में असमर्थ हो जाता है।

— तो कितनी गर्मी ज्यादा मानी जाए? —

इसका कोई तय तापमान मानक नहीं है। हवा का तापमान, नमी, हवा की गति और धूप जैसे कई कारक मिलकर यह तय करते हैं कि शरीर गर्मी को कैसे सह पायेगा। उमस में पसीना आसानी से सूख नहीं पाता, जिससे शरीर को ठंडा होने में दिक्कत होती है।

— क्या व्यायाम का प्रकार मायने रखता है? —

‘अमेरिकन कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन’ के अनुसार फुटबॉल जैसे खेल, लंबी दूरी की दौड़ या साइकिलिंग जैसे लगातार किए जाने वाले व्यायाम की तुलना में ज्यादा गर्मी में भी खेले जा सकते हैं, क्योंकि बीच-बीच में मिलने वाला ब्रेक शरीर को ठंडा होने में मदद करता है।

जोखिम को प्रभावित करने वाले अन्य कारकों में कपड़े, गर्मी के प्रति अभ्यस्त होना और उम्र शामिल है। बुजुर्गों में जोखिम आमतौर पर अधिक होता है।

— खुद को ठंडा कैसे रखें? —

निर्जलीकरण की स्थिति में शरीर के लिए गर्मी बाहर निकालना मुश्किल हो जाता है। इसलिए पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। ठंडा या बर्फ मिला पानी शरीर को ठंडा करने में मदद करता है। व्यायाम से पहले, व्यायाम के दौरान और व्यायाम के बाद में पानी पीना चाहिए। हल्के, सांस लेने योग्य कपड़े पहनने और जरूरत के मुताबिक विराम लेने की भी सलाह दी जाती है।

— क्या शरीर गर्मी के अनुकूल हो सकता है? —

विशेषज्ञों के अनुसार, धीरे-धीरे अभ्यास करने से शरीर गर्मी के अनुकूल ढल सकता है। कुछ सत्रों के बाद ही शरीर में अनुकूलन के संकेत दिखने लगते हैं, जैसे अधिक पसीना आना और समान प्रयास पर हृदय गति कम रहना। हालांकि शुरुआत में धीरे-धीरे व्यायाम की अवधि और तीव्रता बढ़ानी चाहिए।

यदि संभव हो तो दिन के ठंडे समय में या घर के भीतर व्यायाम करना भी बेहतर विकल्प हो सकता है।

(द कन्वरसेशन) मनीषा

देवेंद्र

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