दौड़ने में परेशानी है तो सौना या हॉट बाथ लीजिए, कसरत के बराबर होगा फायदा

दौड़ने में परेशानी है तो सौना या हॉट बाथ लीजिए, कसरत के बराबर होगा फायदा

दौड़ने में परेशानी है तो सौना या हॉट बाथ लीजिए, कसरत के बराबर होगा फायदा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:28 pm IST
Published Date: May 27, 2021 11:33 am IST

चार्ल्स जेम्स स्टीवर्ड, पीएचडी कैंडिडेट, कोवेंट्री यूनीवर्सिटी

लंदन, 27 मई :द कन्वरसेशन: मैंने शरीर पर व्यायाम के फायदों के बारे में पढ़ा है। इसलिए यह स्वाभाविक ही है कि जब मैं लैब में नहीं होता हूं तो खुद को चुस्त दुरूस्त रखने के लिए जिम जाता हूं या दौड़ लगाने जाता हूं। लेकिन बहुत से लोगों के लिए बाहर निकलना और अपने शरीर को हिलाना डुलाना उतना सरल नहीं होता। आधुनिक जीवन में एक स्वस्थ और सक्रिय जीवन शैली अपनाना उतना आसान नहीं है।

वैसे भी मेरे जैसे लोगों के लिए भी व्यायाम या कसरत करना हमेशा मजा देने वाला नहीं होता। मुझे अपने आप को थकाना पड़ता है और बेआराम होना पड़ता है, इस उम्मीद में कि मैं फिट और स्वस्थ रहूंगा। निश्चित रूप से एक हॉट बाथ या फिर सौना में वक्त गुजारना-एक कहीं ज्यादा आकर्षक विकल्प है-इनकी तुलना नहीं की जा सकती? यह वह सवाल है जिसका जवाब ढूंढने के लिए मैंने खुद को समर्पित कर दिया और अब तक जो संकेत मिले हैं वह आशाजनक हैं।

लोग ठीक ही कहते हैं, व्यायाम औषधि है’’ और इसे लोग स्वस्थ रहने के लिए सबसे सही तरीका मानते भी हैं हालांकि दवाएं भी काम नहीं करती, जब तक आप उन्हें लेने के लिए तैयार नहीं होते। वैसे व्यायाम का नियमित गतिविधि के रूप में पालन करना भी मुश्किल है, कई लोग समय और प्रेरणा की कमी के कारण व्यायाम करने को तैयार नहीं होते। और जो वृद्ध हैं या जिन्हें पुरानी बीमारियां हैं, उनके लिए व्यायाम भी दर्द का कारण बन सकता है, जो स्पष्ट कारणों से व्यायाम को और सीमित कर देता है।

वैश्विक स्तर पर देखें तो लगभग 25% वयस्क 150 मिनट की मध्यम तीव्रता गतिविधि या प्रति सप्ताह 75 मिनट की अधिक तीव्रता गतिविधि, या दोनों के संयोजन के न्यूनतम अनुशंसित शारीरिक गतिविधि स्तरों को पूरा नहीं करते हैं। ब्रिटेन में आंकड़े और भी खराब हैं, लगभग 34% पुरुष और 42% महिलाएं इन दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। अफसोस की बात है कि इस तरह के आलसी और व्यायाम रहित व्यवहार को ब्रिटेन में सालाना होने वाली लगभग 11.6% मौतों से जोड़ा जाता है।

ऐसी दुनिया में जहां हम में से कई नौ से पांच कार्यालय की नौकरी कर रहे हैं और हमारे दैनिक कार्यों को केवल एक बटन दबाकर पूरा किया जा सकता है, यह जानना आसान है कि समाजों के आधुनिकीकरण ने हमें इस तरह के आलसी और गतिहीन व्यवहार तक क्यों पहुंचा दिया है। स्वास्थ्य में सुधार के लिए वैकल्पिक उपाय खोजने की तत्काल आवश्यकता है जिसका लोग पालन करने के इच्छुक हों।

इस तरह का समाधान खोजने के प्रयास में, मैंने यह जानने का प्रयास किया कि हॉट बाथ और सौना शरीर को कैसे प्रभावित करते हैं। पूरे मानव इतिहास में, दुनिया भर में कई संस्कृतियों ने स्वास्थ्य में सुधार के लिए हीट थेरेपी का उपयोग किया है। लेकिन कुछ समय पहले तक, स्नान के लाभ व्यवहारिक नहीं थे और मोटे तौर पर इसे अवैज्ञानिक के रूप में देखा जाता था। हालांकि, पिछले कुछ दशकों में सबूत बढ़ रहे हैं और आज हम जानते हैं कि सौना या हॉट टब में नियमित रूप से स्नान करने से हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है – और इसके व्यापक स्वास्थ्य लाभ भी हो सकते हैं।

शोध की हमारी हालिया समीक्षा में पाया गया कि नियमित सौना या हॉट टब स्नान लेने से वास्तव में कम से मध्यम तीव्रता वाले एरोबिक व्यायाम जैसे पैदल चलना, टहलना और साइकिल चलाना जैसे समान स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं। पहली नज़र में, हॉट बाथ या सौना की तुलना दौड़ने या कसरत से करना अतार्किक लग सकता है – आखिरकार, हॉट बाथ को आराम देने वाला और सौना को थका देने वाला माना जाता है-लेकिन वे आप जितना सोचते हैं उससे अधिक समान हैं।

अगली बार जब आप हॉट टब, बाथ या सौना में हों, तो जरा कान लगाकर अपने शरीर की बात सुनने के लिए थोड़ा वक्त निकालें। आपको शुरू में गर्मी की सुखद अनुभूति होगी, जिससे आपके शरीर का तापमान बढ़ जाता है और आपको गर्मी और पसीने का अनुभव होने लगेगा। इसके साथ हृदय गति कुछ कुछ बढ़ जाएगी। लगने लगा न कुछ जाना पहचाना। हां- सही पहचाना कसरत या व्यायाम में भी तो यही सब होता है

द कन्वरसेशन एकता एकता

एकता


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