भारत जोखिम बढ़ने से रोकने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का आह्वान करता है: सीतारमण

भारत जोखिम बढ़ने से रोकने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का आह्वान करता है: सीतारमण

भारत जोखिम बढ़ने से रोकने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का आह्वान करता है: सीतारमण
Modified Date: November 29, 2022 / 08:30 pm IST
Published Date: October 14, 2022 8:25 am IST

(ललित के झा)

वाशिंगटन, 14 अक्टूबर (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जोखिम बढ़ने से रोकने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का आह्वान किया।

सीतारमण ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत का प्रयास उन संवादों को प्रोत्साहित करना रहेगा, जो एक सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं समृद्ध विश्व के लिए ‘‘हमारी आपसी निर्भरता, हमारे साझा ज्ञान और हमारी सामूहिक आकांक्षा’’ को समझते हैं।

वित्त मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की वार्षिक बैठकों के इतर जी -20 देशों के वित्त मंत्रियों और विभिन्न केंद्रीय बैंक के गवर्नर के समापन सत्र के दौरान अपने भाषण में कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों का सामना कर रही है और जोखिम बढ़ने से रोकना ‘‘हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।’’

भारत जी-20 समूह की अगले वर्ष अध्यक्षता करेगा। जी-20 की अध्यक्षता वार्षिक आधार पर बारी-बारी से सदस्य देशों को मिलती है।

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत जी 20 का अध्यक्ष पद संभालने को एक अवसर के साथ-साथ एक जिम्मेदारी के रूप में देखता है।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत की सोच का आधार बहुपक्षवाद में विश्वास फिर से कायम करना है।’’

सीतारमण ने कहा कि जी-20 के वित्त मंत्री सबसे कठिन वैश्विक परिस्थितियों में सदा साथ आए हैं, उन्होंने अपने मतभेद परे रखकर लोगों की समृद्धि के साझा लक्ष्य की दिशा में काम किया है। उन्होंने वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नर से एकजुटता की इस भावना के साथ मिलकर काम करना जारी रखने का आग्रह किया।

भाषा सिम्मी गोला

गोला


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