भारत भरोसेमंद साझेदार, रूस के साथ संबंधों में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं पश्चिमी देश: पुतिन
भारत भरोसेमंद साझेदार, रूस के साथ संबंधों में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं पश्चिमी देश: पुतिन
(विजय जोशी)
सेंट पीटर्सबर्ग, चार जून (भाषा) रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नयी दिल्ली के साथ मॉस्को की रणनीतिक साझेदारी की बृहस्पतिवार को सराहना की और जोर देकर कहा कि भारत को रूस के साथ अपने सहयोग को कम करने के लिए मजबूर करने के पश्चिमी देशों के प्रयास व्यर्थ और वैश्विक स्थिरता के लिए हानिकारक हैं।
पुतिन ने पीटीआई सहित प्रमुख वैश्विक समाचार एजेंसियों के प्रमुखों के साथ बातचीत में भारत की आर्थिक वृद्धि और उसकी स्वतंत्र विदेश नीति की सराहना की। उन्होंने कहा कि रूस नयी दिल्ली के साथ अपने आर्थिक संबंधों का विस्तार करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
पुतिन ने कहा, ‘‘भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और वर्तमान में आर्थिक विकास की प्रभावशाली दर प्रदर्शित कर रहा है।’’ उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार आने वाले वर्षों में 100 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंचने की ओर अग्रसर है।
पुतिन ने ‘पीटीआई’ के सीईओ और प्रधान संपादक विजय जोशी के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, ‘‘भारत दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है जिसने सबसे अधिक आर्थिक विकास दर दर्ज की है। यह कोई अचानक हुई उपलब्धि नहीं है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा किए गए अथक परिश्रम का परिणाम है।’’
रूसी राष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि नयी दिल्ली अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देना जारी रखेगी, और कहा कि अमेरिका के साथ भारत की राजनयिक भागीदारी रूस के साथ उसके सदियों पुराने संबंधों में बाधा नहीं डालती या उन्हें कमजोर नहीं करती है।
पुतिन से जब पूछा गया कि क्या अमेरिका के साथ भारत का गहरा जुड़ाव रूस के लिए असहज स्थिति पैदा करता है, तो उन्होंने कहा, ‘‘हमें खुशी है कि भारत उन सभी देशों के साथ अपने संबंध विकसित कर रहा है जिन्हें वह अपने राष्ट्रीय हितों के लिए महत्वपूर्ण मानता है।’’
रूसी राष्ट्रपति ने साथ ही यह भी कहा कि मॉस्को के साथ सहयोग के मामले में पश्चिमी देशों द्वारा दबाव डालने के प्रयास किये गए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘सभी यह समझ चुके हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत पर दबाव डालना अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए हानिकारक है।’’
पुतिन ने कहा कि रूस भारत को एक ‘‘विश्वसनीय साझेदार’’ मानता है और उसे किसी भी अन्य देश के साथ नयी दिल्ली के द्विपक्षीय संबंधों से कोई नकारात्मक परिणाम नजर नहीं आता।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत एक महान राष्ट्र और लोकतंत्र है और रूस इसके साथ अपने संबंधों का विस्तार करना जारी रखेगा।’’
भाषा धीरज सुभाष
सुभाष

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