(तस्वीरों के साथ)
ब्रातिस्लावा, 15 जून (भाषा) भारत और स्लोवाकिया ने सोमवार को अपने संबंधों को व्यापक साझेदारी के स्तर तक ले जाने तथा द्विपक्षीय व्यापार और रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के बीच बातचीत के बाद यह सहमति बनी।
दोनों देशों ने इसी के साथ प्रवासन, डिजिटल प्रौद्योगिकी और रक्षा जैसे कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए 11 समझौतों पर हस्ताक्षर भी किये हैं।
दोनों नेता भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को यथाशीघ्र लागू करने की दिशा में काम करने पर भी सहमत हुए। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी यूरोप की अपनी एक हफ्ते की यात्रा के तहत ब्रातिस्लावा में हैं। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की यह पहली यात्रा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया में जारी वक्तव्य में कहा, ‘‘हमने अपने संबंधों को व्यापक साझेदारी के स्तर तक ले जाने का फैसला किया है। यह हमारी साझा मान्यताओं, साझा प्राथमिकताओं और साझा भविष्य का प्रतीक है।’’
इस व्यापक साझेदारी का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को एक नए मुकाम पर ले जाना, मौजूदा सहयोग तंत्रों को मजबूत करना और द्विपक्षीय व बहुपक्षीय, दोनों स्तरों पर सहयोग को और प्रगाढ़ करने के नए रास्ते तलाशना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने और फिको ने रिश्तों को ‘नयी दिशा’ देने के तरीकों पर चर्चा की।
मोदी और फिको ऊर्जा सुरक्षा, स्थिरता और मज़बूती को बढ़ावा देने के लिए ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए। इसके लिए परमाणु ऊर्जा और भूतापीय ऊर्जा सहित ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों को अपनाने पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास असीम संभावनाएं हैं। हमारी आकांक्षाएं और भी बड़ी हैं। ऑटोमोबाइल, रेलवे, उन्नत विनिर्माण और हरित प्रौद्योगिकी हमारे लिए खास दिलचस्पी के क्षेत्र हैं।’’
मोदी ने कहा कि आज हमने इन सभी मुद्दों पर अपनी ताकत को मिलाकर दोनों देशों के लोगों के फायदे के लिए कई अहम फैसले लिए।
मोदी ने यह भी कहा कि भारत और स्लोवाकिया के बीच रक्षा सहयोग दोनों पक्षों के बीच ‘‘गहरे आपसी भरोसे और रणनीतिक तालमेल’’ का सबूत है।
दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद रक्षा सहयोग को लेकर एक रुचि पत्र को अंतिम रूप दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इससे दोनों पक्षों के रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को नयी गति मिलेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत और स्लोवाकिया वैश्विक मंच पर भी आपसी तालमेल के साथ आगे बढ़ रहे हैं। हम इस बात पर सहमत हैं कि सभी विवादों और तनावों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जाना चाहिए।’’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘हम इस बात से भी सहमत हैं कि 21वीं सदी की वास्तविकताओं और चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थाओं को खुद को नए सिरे से परिभाषित करने की जरूरत है। हम इस दिशा में वैश्विक प्रयासों को मजबूत करने के लिए काम करेंगे।’’
मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में स्लोवाकिया से मिले सहयोग के लिए फिको के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा, ‘‘हम इसे यथाशीघ्र लागू करने की दिशा में काम करेंगे ताकि दोनों देशों के उद्योगों, स्टार्टअप और व्यापारियों को इससे अधिक से अधिक लाभ मिल सके।’’
प्रधानमंत्री फिको ने भारत – यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की प्रशंसा की और इसे अब तक के सबसे ‘‘महत्वाकांक्षी’’ व्यापार समझौतों में से एक बताया।
उन्होंने कहा, ‘‘स्लोवाकिया न केवल इस समझौते का स्वागत करता है, बल्कि इसे लागू करने के लिए अवाश्यक और व्यावहारिक कदम भी उठाएगा।’’
मोदी और फिको के बीच बातचीत के बाद हुए समझौतों से कामगारों के प्रावसन, रक्षा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा और क्वांटम कम्युनिकेशन के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग और प्रगाढ़ होगा।
एक संयुक्त बयान के मुताबिक बैठक में दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के बढ़ते भू-राजनीतिक, आर्थिक और तकनीकी महत्व को समझते हुए, आपसी लाभ वाले सहयोग, क्षेत्रीय संपर्क, खुले अंतरराष्ट्रीय व्यापार, नौवहन की आज़ादी और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत और स्लोवाकिया के बीच मज़बूत साझेदारी के महत्व को स्वीकार किया।
संयुक्त बयान के मुताबिक, मोदी और फिको ने कुशल पेशेवरों की व्यवस्थित, सुरक्षित और कानूनी आवाजाही का समर्थन किया और उनके आवागमन को आसान बनाने के लिए श्रम प्रवास के क्षेत्र में सहयोग पर हुए समझौता ज्ञापन का स्वागत किया।
दोनों पक्ष सामाजिक सुरक्षा समझौता को यथाशीघ्र अमली जामा पहनाने पर सहमत हुए। इससे भारत और स्लोवाकिया के बीच आने-जाने वाले कामकाजी पेशेवरों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
भाषा धीरज सुभाष
सुभाष