बेरोजगारी दर मई में मामूली रूप से घटकर 5.5 प्रतिशत रही, श्रम भागीदारी में गिरावट

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बेरोजगारी दर मई में मामूली रूप से घटकर 5.5 प्रतिशत रही, श्रम भागीदारी में गिरावट

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  • Publish Date - June 15, 2026 / 07:12 PM IST,
    Updated On - June 15, 2026 / 07:12 PM IST

नयी दिल्ली, 15 जून (भाषा) देश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों के बीच बेरोजगारी की दर मई, 2026 में मामूली रूप से घटकर 5.5 प्रतिशत रह गई, जो एक साल पहले 5.6 प्रतिशत थी। सोमवार को जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) से यह जानकारी मिली।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की तरफ से जारी सर्वेक्षण आंकड़ों के मुताबिक, बेरोजगारी दर सालाना आधार पर भले ही कम हुई है लेकिन अप्रैल, 2026 के 5.2 प्रतिशत के मुकाबले इसमें कुछ बढ़ोतरी हुई है।

सर्वेक्षण के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर मई में बढ़कर 5.1 प्रतिशत हो गई, जो अप्रैल में 4.6 प्रतिशत थी। वहीं, शहरी बेरोजगारी दर घटकर 6.4 प्रतिशत रह गई, जो अप्रैल में 6.6 प्रतिशत थी।

सालाना आधार पर शहरी बेरोजगारी दर में 0.5 प्रतिशत अंक की गिरावट दर्ज की गई है।

सर्वेक्षण के अनुसार, मई, 2026 में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों की श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) घटकर 54.4 प्रतिशत रह गई, जो अप्रैल में 55 प्रतिशत थी।

ग्रामीण क्षेत्रों में यह 56.6 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 49.8 प्रतिशत रही। सालाना आधार पर कुल एलएफपीआर में 0.4 प्रतिशत अंक की गिरावट आई है।

वहीं, श्रम बल में महिलाओं की भागीदारी दर मई में 32.8 प्रतिशत रही, जो मई, 2025 के 33.2 प्रतिशत से थोड़ा कम है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 36.7 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 24.8 प्रतिशत दर्ज की गई।

सर्वेक्षण के मुताबिक, रोजगार में लगी आबादी का अनुपात (डब्ल्यूपीआर) मई, 2026 में घटकर 51.4 प्रतिशत रह गया, जो अप्रैल में 52.2 प्रतिशत और मई, 2025 में 51.7 प्रतिशत था।

ग्रामीण क्षेत्रों में डब्ल्यूपीआई 53.8 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में डब्ल्यूपीआर 46.6 प्रतिशत रहा।

मंत्रालय ने कहा कि श्रम बल भागीदारी दर एवं रोजगार अनुपात में कमी आने और बेरोजगारी दर में वृद्धि से यह संकेत मिलता है कि आलोच्य अवधि में श्रम बाजार में कुछ नरमी आई।

बयान में कहा गया कि श्रम भागीदारी में मामूली गिरावट के साथ रोजगार के अवसर अपेक्षाकृत तेजी से घटे, जिससे बेरोजगारों का अनुपात बढ़ा।

सरकार के अनुसार, मई 2026 में आर्थिक गतिविधियों में मौसमी सुस्ती के कारण श्रम बाजार संकेतकों में यह गिरावट देखने को मिली।

पीएलएफएस के तहत देशभर में 3,73,887 लोगों से जानकारी जुटाई गई। यह सर्वेक्षण देश में रोजगार और बेरोजगारी की स्थिति का प्रमुख स्रोत है और जनवरी, 2025 से इसकी पद्धति में बदलाव कर मासिक और तिमाही आंकड़े जारी किए जा रहे हैं।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय