भारत गाजा शांति योजना का समर्थन करता है: मोदी ने इजराइली संसद ‘नेसेट’ में कहा

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भारत गाजा शांति योजना का समर्थन करता है: मोदी ने इजराइली संसद ‘नेसेट’ में कहा

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  • Publish Date - February 25, 2026 / 11:16 PM IST,
    Updated On - February 25, 2026 / 11:16 PM IST

यरुशलम, 25 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को इजराइल की संसद ‘नेसेट’ में अपने ऐतिहासिक संबोधन में गाजा शांति पहल को पूरे क्षेत्र के लिए ‘न्यायपूर्ण और स्थायी शांति’ का मार्ग बताया, साथ ही उन्होंने इजराइल के प्रति एकजुटता का सशक्त संदेश देते हुए कहा कि ‘‘आतंकवाद चाहे कहीं हो, यह हर जगह की शांति के लिए खतरा है’’।

मोदी ने कहा कि इजराइल की तरह भारत भी आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की एक ‘‘सुसंगत और अडिग नीति अपनाता है और इसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं है’’। उन्होंने इस खतरे का मुकाबला करने के लिए निरंतर और समन्वित वैश्विक प्रयासों का आह्वान भी किया।

प्रधानमंत्री इजराइल की प्रतिनिधि सभा, नेसेट को संबोधित करने के कई घंटे पहले यहां पहुंचे। बेन गुरियन हवाई अड्डे पर इजराइल के उनके समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा ने उनका जोरदार स्वागत किया।

मोदी ने कहा, ‘‘मैं सात अक्टूबर (2023) को हमास द्वारा किए गए बर्बर आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति और उस परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिनकी दुनिया इस हमले में बिखर गई।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम आपकी पीड़ा को समझते हैं। हम आपके शोक में आपके साथ हैं। भारत इस समय और भविष्य में भी पूरी दृढ़ता के साथ इजराइल के साथ खड़ा है। कोई भी कारण नागरिकों की हत्या को जायज नहीं ठहरा सकता। आतंकवाद को किसी भी तरह जायज नहीं ठहराया जा सकता।’’

यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का नेसेट में दिया गया पहला भाषण है और इस दौरान मोदी ने आतंकवाद से पूरी ताकत से लड़ने के भारत के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित किया।

इस कार्यक्रम में इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू और कई अन्य वरिष्ठ नेता सहित कई सांसदों ने भाग लिया।

उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द सहा है। हमें 26/11 मुंबई हमले और उनमें जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों की याद है, जिनमें इजराइली नागरिक भी शामिल थे। आपकी तरह, हमारी भी आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की एक दृढ़ और अटल नीति है और इसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आतंकवाद का उद्देश्य समाजों को अस्थिर करना, विकास को बाधित करना और विश्वास को कमजोर करना है। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए सतत और समन्वित वैश्विक कार्रवाई आवश्यक है, क्योंकि चाहे आतंकवाद कहीं हो, यह शांति के लिए हर जगह खतरा है।’’

भाषा शोभना सुरेश

सुरेश