बीजिंग, पांच जनवरी (भाषा) शंघाई में भारत के महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भारत में ऐतिहासिक भव्य प्रदर्शनी ‘लाइट एंड द लोटस: रेलिक्स ऑफ अवेकंड’ के उद्घाटन के उपलक्ष्य में चीन के प्राचीन शहर सुझोऊ में स्थित ‘टाइगर हिल पैगोडा’ का दौरा किया।
मोदी ने दिल्ली में शनिवार को बुद्ध से जुड़ी पवित्र प्राचीन वस्तुओं की एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और जोर देकर कहा कि ये केवल कलाकृतियां नहीं हैं बल्कि भारत की वंदनीय विरासत का अटूट हिस्सा हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पवित्र पिपरहवा अवशेष वियतनाम, थाईलैंड और रूस सहित उन विभिन्न देशों की यात्रा कर चुके हैं जहां बौद्धों की आबादी अधिक है।
उन्होंने कहा कि इन देशों में आस्था और भक्ति की लहरें उठीं तथा लोग बड़ी संख्या में श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पहुंचे।
वाणिज्य दूतावास द्वारा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर सोमवार को जारी एक पोस्ट में कहा गया कि इसी के उपलक्ष्य में माथुर ने यांग्त्ज़ी नदी के दक्षिण में स्थित सबसे पुराने और सबसे बड़े बौद्ध पैगोडा – चीन के टाइगर हिल मंदिर का दौरा किया।
माथुर ने रविवार को बौद्ध धर्मगुरुओं और फ्रेंड्स ऑफ इंडिया समेत स्थानीय समुदाय से बातचीत कर भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा रत्न की 127 वर्षों के बाद वापसी के विशेष महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने इसे इसे भारत की सभ्य चेतना और आध्यात्मिक विरासत के लिए एक गौरवपूर्ण पल बताया।
इस आयोजन के दौरान, भगवान बुद्ध की शिक्षाओं पर आधारित प्रस्तुतियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रदर्शित किए गए।
भाषा यासिर संतोष
संतोष