भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने वेनेजुएला में ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की

भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने वेनेजुएला में ट्रंप प्रशासन की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की

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  • Publish Date - January 4, 2026 / 11:30 PM IST,
    Updated On - January 4, 2026 / 11:30 PM IST

(योषिता सिंह)

न्यूयॉर्क, चार जनवरी (भाषा) अमेरिका में भारतीय मूल के कई सांसदों ने वेनेजुएला पर हमला करने और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़कर देश से बाहर ले जाने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने राष्ट्रपति को हासिल शक्तियों का दुरुपयोग किया है और वह अमेरिका को एक और “अंतहीन संघर्ष” में उलझा रहे हैं।

प्रतिनिधि सभा (अमेरिकी संसद का निचला सदन) की खुफिया मामलों की स्थायी प्रवर समिति के वरिष्ठ सदस्य राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि मादुरो भले ही एक “निरंकुश शासक” हैं, जिन्होंने वेनेजुएला के लोगों को भारी पीड़ा पहुंचाई है, लेकिन यह तथ्य किसी भी राष्ट्रपति को कांग्रेस (अमेरिकी संसद) की अनुमति के बिना सैन्य बल का इस्तेमाल करने का खुला अधिकार नहीं देता है।

कृष्णमूर्ति ने कहा, “कांग्रेस की अनुमति के बिना सैन्य कार्रवाई करके और एक अन्य संप्रभु राष्ट्र पर सार्वजनिक रूप से अमेरिकी नियंत्रण का दावा करके, ट्रंप राष्ट्रपति को हासिल शक्तियों का दुरुपयोग कर रहे हैं और संविधान के तहत शक्तियों के पृथक्करण को कमजोर कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन को अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा के बारे में तुरंत जानकारी देनी होगी, यह खुलासा करना होगा कि क्या कोई हताहत हुआ और कांग्रेस को अभियान के बारे में तत्काल पूर्ण विवरण उपलब्ध कराना होगा।

कृष्णमूर्ति ने कहा, “राष्ट्रपति ने कहा है कि वेनेजुएला में सत्ता के सुरक्षित हस्तांतरण तक अमेरिका उस देश का प्रशासन संभालेगा, जिससे वाशिंगटन अनिश्चित काल के लिए जिम्मेदारी के अधीन हो जाएगा। न तो अमेरिकी जनता और न ही कांग्रेस ने इस कदम को मंजूरी दी है।”

उन्होंने कहा, “यह बल प्रयोग और नियंत्रण का दावा कानून के शासन को कमजोर करता है, मॉस्को और बीजिंग को अन्य जगहों पर अपनी सीमाएं बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करता है, अमेरिका की विश्वसनीयता को कमजोर करता है और अंततः अमेरिकियों की सुरक्षा को प्रभावित करता है।”

भारतीय मूल के एक अन्य सांसद रो खन्ना ने कहा कि ट्रंप ने वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन के लिए “अपनी मर्जी से युद्ध” शुरू करके ‘एमएजीए’ (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) समर्थकों के साथ विश्वासघात किया है।

उन्होंने कहा, “अगर (चीन के राष्ट्रपति) शी चिनफिंग ताइवान के (राष्ट्रपति) लाई चिंग-ते को पकड़ना चाहें या (रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर) पुतिन यूक्रेन के (राष्ट्रपति) वोलोदिमीर जेलेंस्की को पकड़ने की कोशिश करें, तो हम अब क्या कहेंगे?”

खन्ना ने कहा, “हम इराक, अफगानिस्तान और लीबिया में चल रहे बेतुके युद्धों के खिलाफ लगातार मतदान करते रहते हैं, लेकिन हमारे राष्ट्रपति सैन्यवाद के प्रति समर्पित विदेश नीति गुट के आगे झुक जाते हैं। वह हमें विदेश में संघर्षों में उलझा देते हैं, जबकि घर पर अमेरिकियों के लिए अच्छी नौकरियों की कमी और बढ़ती महंगाई को नजरअंदाज करते हैं।”

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि अमेरिकी जनता रक्षा बजट में होने वाले अनावश्यक खर्चों और युद्धोन्माद के खिलाफ बड़े पैमाने पर आवाज उठाए।

खन्ना ने कहा, “हमें ऐसे नेताओं की जरूरत है, जो वाशिंगटन और हमारे संस्थापकों की सलाह पर ध्यान दें और हमारे लोगों के लिए रोजगार, स्वास्थ्य सेवा, बाल देखभाल और शिक्षा में निवेश करें।”

सांसद प्रमिला जयपाल ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि वह अमेरिका के प्रशासन को तो संभाल नहीं पा रहे हैं, “लेकिन अब वह वेनेजुएला का प्रशासन संभालना चाहते हैं।”

उन्होंने कहा, “युद्ध को अधिकृत करने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है। यह (वेनेजुएला पर हमला) असंवैधानिक, अवैध है और अमेरिकी जनता ऐसा नहीं चाहती।”

जयपाल ने कहा कि यह तथ्य कि मादुरो एक निरंकुश शासक हैं, ट्रंप और उनके प्रशासन को वेनेजुएला पर आक्रमण करने, आधी रात को मादुरो का अपहरण करने और जबरन सत्ता परिवर्तन कराने का अधिकार नहीं देता- ऐसा कुछ जो अमेरिका ने कई बार करने की कोशिश की है और असफल रहा है।

उन्होंने कहा, “यह एक अवैध और असंवैधानिक हमला था, जिसे ट्रंप ने कांग्रेस की अनुमति के बिना और भविष्य की कोई योजना बनाए बिना अधिकृत किया।”

जयपाल ने कहा कि अगर यह वास्तव में मादक पदार्थों की तस्करी को रोकने के लिए होता, तो ट्रंप ने हाल ही में होंडुरास के पूर्व राष्ट्रपति जुआन ऑरलैंडो हर्नांडेज को माफ नहीं किया होता, जिन्हें मादक पदार्थों की तस्करी की एक साजिश में उनकी भूमिका के लिए 45 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी, जिसके तहत अमेरिका में 400 टन कोकीन की तस्करी की गई थी।

उन्होंने कहा, “युद्ध को अधिकृत करने का अधिकार केवल कांग्रेस के पास है। रिपब्लिकन को अपने संवैधानिक कर्तव्य का निर्वाह करते हुए डेमोक्रेट सदस्यों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि कांग्रेस हमारी शक्ति को पुनः स्थापित करे, अन्यथा इसके परिणाम भयावह होंगे। किसी भी देश का कोई भी निरंकुश नेता किसी भी समय यह तय कर सकता है कि वह किसे अपदस्थ करना चाहता है।”

प्रतिनिधि सभा के सदस्य एमि बेरा ने कहा कि कांग्रेस की सहमति, समर्थन या अनुमति के बिना सैन्य हमले शुरू करने का फैसला बेहद चिंताजनक और अवैध है।

उन्होंने कहा, “ट्रंप वेनेजुएला में शासन या लोकतांत्रिक परिवर्तन के लिए कोई स्पष्ट एवं विश्वसनीय रणनीति पेश करने में विफल रहे हैं। वह हमारे देश को एक और अनिश्चितकालीन संघर्ष में उलझा रहे हैं और राष्ट्र निर्माण के असफल प्रयासों की पुनरावृत्ति का जोखिम उठा रहे हैं।”

सांसद श्री थानेदार ने कहा कि युद्ध की घोषणा करने की क्षमता केवल कांग्रेस के पास है।

उन्होंने कहा, “ट्रंप के कृत्य पूरी तरह से असंवैधानिक और अस्वीकार्य थे। अमेरिकी जनता चाहती है कि हम उनके लिए जीवनयापन को अधिक किफायती बनाने पर ध्यान केंद्रित करें, न कि नया युद्ध शुरू करने पर।”

भाषा पारुल सुरेश

सुरेश