नईदिल्ली: ईरान में मची अफरा तफरी के बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीयों को ईरान तुरंत छोड़ने को कहा है। (Indian citizens leave Iran advisory) बता दें कि ईरान में जारी राजनीतिक अस्थिरता, हिंसक प्रदर्शनों और सुरक्षा हालात के मद्देनजर भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
दरअसल, तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि ईरान में वर्तमान में मौजूद सभी भारतीय नागरिक-चाहे वे छात्र हों, तीर्थयात्री हों, कारोबारी हों या पर्यटक (Indian citizens leave Iran advisory) उपलब्ध साधनों के जरिए जल्द से जल्द देश छोड़ दें।
भारतीय दूतावास की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि यह एडवाइजरी भारत सरकार द्वारा 5 जनवरी 2025 को जारी की गई सलाह का ही विस्तार है। (Indian citizens leave Iran advisory) इस एडवाइजरी में कहा गया, “ईरान में लगातार बदलते हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे कमर्शियल फ्लाइट्स समेत उपलब्ध किसी भी परिवहन माध्यम से ईरान छोड़ दें।”
भारतीय दूतावास ने यह भी कहा है कि ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिक और पीआईओ (PIOs) पूरी तरह से सावधानी बरतें, किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन या भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें और स्थानीय मीडिया पर नजर बनाए रखें, ताकि हालात से जुड़े ताजा अपडेट उन्हे मिलते रहें। (Indian citizens leave Iran advisory) भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों से यह अपील की है कि वे अपने यात्रा और इमिग्रेशन से जुड़े सभी दस्तावेज-जैसे पासपोर्ट और पहचान पत्र-हमेशा अपने पास और आसानी से उपलब्ध रखें। साथ ही, किसी भी तरह की सहायता की जरूरत पड़ने पर तुरंत भारतीय दूतावास से संपर्क करें।
इसके अलावा आपात स्थिति के लिए भारतीय दूतावास ने नंबर भी जारी किए हैं। दूतावास के अनुसार, भारतीय नागरिक इन मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं: +989128109115, +989128109109, +989128109102 और +98932179359।
गौरतलब है कि ईरान में हाल ही के दिनों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, हिंसा और सुरक्षा कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं, जिसके चलते विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। (Indian citizens leave Iran advisory) अमेरिका ईरान को लगातार सैन्य कार्रवाई की धमकी दे रहा है, अमेरिकी सेना स्टैंडबाय मोड पर है, फिलहाल सैन्य कार्रवाई पर रोक लगी है लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ तौर पर कहा है कि जरूरत पड़ी तो वह सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेंगे।
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