दक्षिण अफ्रीका में भारतवंशी मानवाधिकार कार्यकर्ता राशिद ‘राम’ सलोजी का निधन

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दक्षिण अफ्रीका में भारतवंशी मानवाधिकार कार्यकर्ता राशिद ‘राम’ सलोजी का निधन

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  • Publish Date - December 4, 2020 / 04:10 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:18 PM IST

जोहानिसबर्ग, चार दिसंबर (भाषा) रंगभेद वाले दौर के चर्चित भारतवंशी मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. राशिद अहमद महमूद का दक्षिण अफ्रीका में निधन हो गया । वह 87 साल के थे ।

गुटेंग प्रांत के लेनासिया में महमूद का अपने घर पर निधन हो गया।

प्यार से उन्हें राशिद ‘राम’ सलोजी के नाम से बुलाया जाता था। महमूद भारतीय प्रवासियों के लिए तैयार एक बस्ती लेनासिया में सर्जन का काम करते थे।

वर्ष 1980 और 90 के दशक में ‘मुक्ति आंदोलन’ के दौरान वह अग्रणी चेहरा थे। इसी आंदोलन के बाद आगे चलकर नेल्सन मंडेला को जेल से रिहा किया गया। आंदोलन के खत्म होने के बाद 1994 में मंडेला दक्षिण अफ्रीका में लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित पहले राष्ट्रपति बने थे।

रंगभेद के खिलाफ अभियान के दौरान सलोजी को कई बार हिरासत में लिया गया । हालांकि सलोजी ने कभी हिम्मत नहीं हारी और अधिकारों के लिए मुहिम जारी रखी।

मंडेला के राष्ट्रपति बनने के बाद सलोजी संसद के सदस्य बने। वह गुटेंगे प्रांतीय विधानसभा के सदस्य भी बने। समुदाय की सेवा के लिए सलोजी को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

भाषा आशीष नीरज

नीरज