मृत नाविक के परिवार की मदद के लिए भारतीय मिशन यूएई के साथ समन्वय कर रहा
मृत नाविक के परिवार की मदद के लिए भारतीय मिशन यूएई के साथ समन्वय कर रहा
दुबई, 15 जुलाई (भाषा) दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने बुधवार को कहा कि ओमान के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए हमले में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिक के परिवार की हर संभव मदद के लिए अधिकारी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) प्रशासन और शिपिंग कंपनी के साथ लगातार संपर्क में हैं।
वाणिज्य दूतावास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘12 जुलाई, 2026 को मालवाहक जहाज ‘एमवी जीएफएस गैलेक्सी’ पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की दुखद मृत्यु पर हम गहरा शोक व्यक्त करते हैं।’’
रविवार को साइप्रस के झंडे वाले इस मालवाहक जहाज पर ओमान के तट के पास हमला हुआ था। जहाज पर मौजूद भारतीय चालक दल के 11 सदस्यों में से 10 को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक सदस्य लापता हो गया था।
लापता भारतीय नागरिक की पहचान 30 वर्षीय हेरंभ करमरकर के रूप में हुई है। वह पुणे के रहने वाले थे।
भारतीय वाणिज्य दूतावास ने बताया कि वह हेरंभ के परिवार के संपर्क में है और यूएई के संबंधित अधिकारियों तथा शिपिंग कंपनी के साथ मिलकर परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश कर रहा है।
‘गल्फ न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार शाम शिपिंग कंपनी ने हेरंभ के परिवार को सूचित किया कि ओमान के तटरक्षक बल ने करीब 60 घंटे की मशक्कत के बाद उनका शव बरामद किया।
हेरंभ के ससुर विवेक टंडन ने बुधवार को कहा, ‘‘हम उनके पार्थिव शरीर का इंतजार कर रहे हैं, जो फिलहाल ओमान की नौसेना के पास है। हेरंभ पिछले पांच महीनों से इस जहाज पर तैनात थे और जल्द ही उनकी ड्यूटी पूरी होने वाली थी।’’
टंडन ने बताया कि हेरंभ करमरकर के परिवार में पत्नी, मां और छोटी बहन हैं। उन्होंने बताया कि हेरंभ ने ब्रिटेन के सिटी ऑफ ग्लासगो कॉलेज से मरीन इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और इसके बाद मर्चेंट नेवी में शामिल हुए थे।
भाषा शफीक अविनाश
अविनाश

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