सिंगापुर, एक सितंबर (भाषा) सिंगापुर के चाइनाटाउन क्षेत्र में आभूषण की दुकान से हीरा चुराने के मामले में मंगलवार को 30 वर्षीय भारतीय नागरिक को दो साल से अधिक जेल की सजा सुनाई गई। मीडिया में आई एक खबर में यह जानकारी दी गई है।
‘चैनल न्यूज एशिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, सेरासिया मिलन रमणिकभाई ने चोरी का अपराध स्वीकार कर लिया है। उसके सहयोगी 41 वर्षीय मंगरोलिया मनोजकुमार कुरजीभा को जुलाई में 26 महीने और दो हफ्ते की सजा सुनाई गई थी।
खबर के अनुसार, दोनों आरोपियों ने भारत के सूरत शहर से एक नकली हीरा तैयार करवाया था। इसमें बताया गया कि सेरासिया ने ऑर्डर देकर बनवाए गए नकली हीरे को अपने मुंह में छिपा रखा था। उसने असली हीरे के बदले नकली हीरा रख दिया और फिर असली हीरे को मुंह में छिपा लिया।
सेरासिया के वकील अमरिक गिल ने बताया कि मंगरोलिया ने ही चोरी की पूरी साजिश रची थी और वही नकली हीरा लाया था। उसी ने चोरी के लिए ‘डियानोचे डायमंड्स ज्वैलरी’ नाम के व्यापारी को चिह्नित किया था और दोनों के हवाई टिकट तथा रुकने का इंतजाम किया था।
वकील ने बताया कि मंगरोलिया के कहने पर ही सेरासिया पैसे के लालच में नकली हीरे को मुंह में छिपाकर दुकान में गया और उसे असली हीरे से बदल दिया।
दोनों आरोपी 19 जून को 4.95 कैरेट का हीरा चुराने की नीयत से सिंगापुर आए थे। इस हीरे की कीमत उस समय 1,54,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 2,00,000 सिंगापुर डॉलर) थी।
दोनों आरोपियों को सिंगापुर के चांगी हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया था। बाद में असली हीरा सेरासिया के बैग से बरामद किया गया।
वकील ने अदालत में दलील दी कि सेरासिया शादीशुदा है और उसकी छह महीने की संतान है। वह अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है। उसने यह भी कहा कि मंगरोलिया मुख्य साजिशकर्ता था जो रत्न उद्योग से जुड़ा था, जबकि सेरासिया को इस उद्योग की कोई जानकारी नहीं थी।
हालांकि, सरकारी वकील ने समानता के सिद्धांत का हवाला देते हुए सेरासिया को भी मंगरोलिया के समान ही सजा देने की मांग की।
भाषा सुमित अविनाश
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