नार्वे के राजा हाकोन ने संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली

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नार्वे के राजा हाकोन ने संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली

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  • Publish Date - September 1, 2026 / 09:07 PM IST,
    Updated On - September 1, 2026 / 09:07 PM IST

ओस्लो, एक सितंबर (एपी) नार्वे के राजा हाकोन अष्टम ने मंगलवार को संसद में देश के संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली।

यह एक महत्वपूर्ण प्रतीकात्मक कदम है, क्योंकि वह अपने दिवंगत पिता के 35 साल के शासनकाल के बाद इस स्कैंडिनेवियाई देश की बागडोर संभाल रहे हैं।

शुक्रवार को 89 साल की उम्र में राजा हराल्ड पंचम के निधन के बाद हाकोन नॉर्वे के राजा बने। उन्होंने ‘सब कुछ नॉर्वे के लिए’ का आदर्श वाक्य अपनाया है, जो उनके परदादा के समय से चला आ रहा है।

उन्हें शाही महल से स्टॉर्टिंग (यानी संसद) तक एक खुली कार में ले जाया गया। वहां अध्यक्ष मसूद घराखानी ने हेराल्ड की मौत और हाकोन के उत्तराधिकारी बनने की आधिकारिक घोषणा पढ़ी। इसके बाद 53 साल के हाकोन ने शपथ ली।

हाकोन ने कहा, ‘‘मैं वादा करता हूं और शपथ लेता हूं कि मैं नॉर्वे के राज्य का शासन उसके संविधान एवं कानूनों के अनुसार चलाऊंगा। इसमें सर्वशक्तिमान और सर्वज्ञ ईश्वर मेरी मदद करें।’’

नार्वे की राजशाही की जड़ें बहुत पुरानी हैं और इसकी शुरुआत नौवीं सदी में राजा हेराल्ड फेयरहेयर से हुई थी। जब 1905 में नॉर्वे को स्वीडन से आज़ादी मिली, तो एक राष्ट्रीय जनमत संग्रह में तीन-चौथाई मतदाताओं ने राजशाही को फिर से बहाल करने के पक्ष में वोट दिया था।

आज इसकी भूमिका मुख्य रूप से प्रतीकात्मक है क्योंकि सत्ता चुनी हुई सरकार और संसद के पास है, लेकिन देश का शाही परिवार दुनिया भर में इस अमीर देश को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाता है।

एपी

राजकुमार रंजन

रंजन