जोहानिसबर्ग, 30 अगस्त (भाषा) भारतीय मूल के एक प्रमुख कार्यकर्ता एवं दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद-विरोधी आंदोलन में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने वाले नरोत्तम गोविंद पटेल का निधन हो गया है। समुदाय के लोग उनके योगदान को याद करने के लिए एकजुट हुए हैं।
गुजरात के प्रवासी परिवार में 1933 में जन्मे पटेल ने 28 अगस्त को जोहानिसबर्ग में अंतिम सांस ली। वह 92 साल के थे।
गैर-लाभकारी संस्था ‘अहमद काथराडा फाउंडेशन’ ने एक बयान में कहा, “दक्षिण अफ्रीका ने अपने सबसे अडिग, विनम्र और साहसी सपूतों में से एक को खो दिया है। उनके निधन से जोहानिसबर्ग में भारतीय समुदाय के योगदान और दक्षिण अफ्रीका के रंगभेद-विरोधी आंदोलन का एक ऐतिहासिक अध्याय समाप्त हो गया।”
पटेल ने रॉबेन आइलैंड पर नेल्सन मंडेला सहित राजनीतिक कैदियों का सक्रिय रूप से समर्थन किया। वह नटाल इंडियन कांग्रेस (एनआईसी) और ट्रांसवाल इंडियन कांग्रेस (टीआईसी) जैसे संगठनों के जरिये रंगभेद-विरोधी आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल हुए। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में महात्मा गांधी की विरासत को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाई।
भाषा पारुल सुरेश
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