भारतीय मूल का व्यक्ति धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार: एफबीआई निदेशक काश पटेल
भारतीय मूल का व्यक्ति धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार: एफबीआई निदेशक काश पटेल
(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, छह सितंबर (भाषा) अमेरिका की सरकारी योजनाओं में कथित तौर पर धोखाधड़ी करने वाले और संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की वांछित सूची में शामिल एक व्यक्ति को भारत में गिरफ्तार कर लिया गया है। एफबीआई निदेशक काश पटेल ने यह जानकारी दी।
मनजीत सिंह बेदी पर करीब छह लाख अमेरिकी डॉलर की धोखाधड़ी करने का आरोप है। उसकी गिरफ्तारी के लिए 1.5 लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम घोषित किया गया था।
पटेल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘बेदी को अभी भारत में गिरफ्तार किया गया है। माना जाता है कि वह पिछले साल भारत भाग गया था। एफबीआई उसे अमेरिका वापस लाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।’’
एफबीआई के अनुसार, बेदी की वाशिंगटन के टाकोमा में किराने की एक छोटी सी दुकान थी। आरोप है कि वह ग्राहकों के सरकारी लाभ कार्डों का इस्तेमाल करके उन्हें खाद्य सामग्री देने के बजाय नकद पैसे देता था। यह मामला ‘सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम’ (एसएनएपी) से जुड़ा है, जिसे आम तौर पर अमेरिकी खाद्य सहायता योजना के रूप में जाना जाता है।
पटेल ने कहा, ‘‘धोखाधड़ी करने वालों की नयी सर्वाधिक वांछित सूची बनाए जाने के बाद यह गिरफ्तार होने वाला पांचवां आरोपी है। अब तक पकड़े गए आरोपियों पर कुल मिलाकर दो अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी के मामले हैं और गिरफ्तारी से पहले वे सामूहिक रूप से करीब 4,000 दिनों तक फरार रहे।’’
पटेल के मुताबिक, बेदी पर संचार तथा एसएनएपी लाभों में धोखाधड़ी समेत कई आरोप हैं।
एफबीआई ने बृहस्पतिवार को बताया कि बेदी एसएनएपी योजना के लाभार्थियों के कार्ड कथित तौर पर इस्तेमाल करता था और उन्हें खाद्य सामग्री देने के बजाय नकद रकम देता था। आरोप है कि वह इस रकम का आधा हिस्सा अपने पास रख लेता था।
एफबीआई के अनुसार, अमेरिकी नागरिकता प्राप्त कर चुके बेदी ने मार्च 2024 से जून 2025 के बीच अमेरिकी सरकार के साथ कम से कम छह लाख अमेरिकी डॉलर की धोखाधड़ी की।
धोखाधड़ी के आरोप में आरोप-पत्र दाखिल किए जाने के बाद, बेदी को गिरफ्तार किए बिना अदालत में पेश होने की अनुमति दी गई। उसे अपना पासपोर्ट जमा करने और वाशिंगटन में ही रहने का आदेश दिया गया था, लेकिन बेदी गाड़ी से सीमा पार कर कनाडा पहुंच गया और उसके बाद भारत भाग गया।
भाषा शोभना गोला
गोला

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