(सागर कुलकर्णी)
वाशिंगटन, 10 अगस्त (भाषा) अमेरिका के एरिजोना राज्य के टक्सन में प्रेमिका की हत्या के आरोपी 20 वर्षीय भारतीय छात्र को स्वदेश लौटने के लिए विमान में सवार होने से पहले जर्मनी में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
टक्सन पुलिस ने बताया कि पकड़े गये छात्र की पहचान वरुण बाचिगारी के तौर पर हुई है और वह यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना में ‘बिजनेस एनालिटिक्स’ का छात्र है।
पुलिस ने बताया कि उस पर छह अगस्त को टक्सन स्थित एक अपार्टमेंट में जूलिसा रूबी सालाजार (19) की हत्या करने का आरोप है।
टक्सन पुलिस के अनुसार, बाचिगारी टक्सन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचा, जहां से उसने जर्मनी के लिए उड़ान पकड़ी। आरोपी की योजना जर्मनी से भारत जाने की थी लेकिन उससे पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
जांचकर्ताओं ने बाचिगारी के खिलाफ हत्या और अपहरण के आरोप में गिरफ्तारी वारंट हासिल किया था।
टक्सन पुलिस ने एक बयान में कहा कि पुलिस ने बर्लिन पुलिस के साथ मिलकर बाचिगारी को जर्मनी पहुंचते ही हिरासत में ले लिया।
जांचकर्ताओं का आरोप है कि बाचिगारी ने हत्या के बाद सालाजार का मोबाइल फोन और क्रेडिट कार्ड ले लिया तथा अपराध छिपाने के प्रयास में अपनी प्रेमिका के नाम से उसकी मां को कई संदेश भेजे।
इन संदेशों से सालाजार के परिवार को चिंता हुई, जिसके बाद उन्होंने उसका हालचाल जानने के लिए पुलिस से संपर्क किया। पुलिस द्वारा की गई जांच के दौरान अधिकारियों ने उसका शव बरामद किया।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, टक्सन अग्निशमन विभाग (टीएफडी) को छह अगस्त को शाम करीब चार बजे लड़की को दिल का दौरा पड़ने संबंधी सूचना मिली थी। घटनास्थल पर पहुंची टीम ने सालाजार को उसके अपार्टमेंट के फर्श पर मृत पाया।
अधिकारियों ने बताया कि सालाजार की गर्दन पर गला घोंटने के निशान और खरोंचें थीं, जिसके बाद टीएफडी की टीम ने पुलिस को सूचना दी।
‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ समाचार पोर्टल के अनुसार, बाचिगारी के खिलाफ मई में पिमा काउंटी अदालत में मारपीट और जानबूझकर चोट पहुंचाने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया गया था, जो अभी लंबित था।
इस संबंध में एक गवाह ने जांचकर्ताओं को बताया कि हैलोवीन की एक पार्टी में बाचिगारी ने उसका यौन उत्पीड़न किया था, लेकिन उसने इस आरोप की सूचना कभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को नहीं दी।
पोर्टल की खबर के अनुसार, बाचिगारी की हाल में नौकरी भी चली गई थी, जिससे वह किराया चुकाने में असमर्थ हो गया था और उसका वीजा भी खतरे में पड़ गया था।
भाषा आशीष नेत्रपाल
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