पटना, 10 अगस्त (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को यहां तिरंगा यात्रा का नेतृत्व करते हुए कहा कि राष्ट्र ध्वज भारत की स्वतंत्रता, एकता और गौरव का प्रतीक है तथा यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ‘विकसित भारत’ के दृष्टिकोण के प्रति लोगों की प्रतिबद्धता को दोहराता है।
चौधरी ने यहां बड़ी संख्या में लोगों और राज्य के कई मंत्रियों के साथ जेपी गोलंबर से कारगिल चौक तक पैदल तिरंगा यात्रा निकाली।
हालांकि, दोनों उपमुख्यमंत्री— जनता दल यूनाइटेड (जदयू) वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव इस कार्यक्रम से अनुपस्थित रहे। उनकी अनुपस्थिति के बारे में जदयू की कोई टिप्पणी नहीं आयी है।
यात्रा शुरू करने से पहले मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘तिरंगा केवल तीन रंगों में बंटा कपड़ा नहीं है बल्कि यह हमारा गौरव और भारतीय लोकतंत्र की पहचान है।’’
उन्होंने देश के स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
चौधरी ने कहा, ‘‘हमारे पूर्वजों और स्वतंत्रता सेनानियों ने भारत में लोकतंत्र की स्थापना के लिए अपने प्राणों की आहुति दी एवं हमें यह तिरंगा दिया। उनके बलिदान और प्रयासों के बिना हमें 78 साल पहले आजादी नहीं मिलती।’’
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि देशभर में निकाली जा रही तिरंगा यात्रा अब जन आंदोलन का रूप ले चुकी है।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा हर घर और प्रतिष्ठान पर तिरंगा लहराने की अपील के बाद यह एक जन आंदोलन बन गया है। हम बुधवार को सभी जिला मुख्यालयों पर इसी तरह की तिरंगा यात्रा निकालेंगे।’’
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह यात्रा ‘‘उन दुश्मनों और देशद्रोहियों को संदेश देती है, जिनकी नकारात्मक सोच राष्ट्र को कमजोर करती है।’’
सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि बिहार के हर कोने में लगातार तिरंगा फहराया जाएगा और रैलियां निकाली जाएंगी।
भाषा कैलाश
राजकुमार
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