भारत ने संयुक्त राष्ट्र के जिनेवा कार्यालय को दिए पांच मोर, दशकों पुरानी परंपरा फिर शुरू

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भारत ने संयुक्त राष्ट्र के जिनेवा कार्यालय को दिए पांच मोर, दशकों पुरानी परंपरा फिर शुरू

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  • Publish Date - August 10, 2026 / 01:50 PM IST,
    Updated On - August 10, 2026 / 01:50 PM IST

जिनेवा, 10 अगस्त (भाषा) भारत ने संयुक्त राष्ट्र के जिनेवा स्थित कार्यालय (यूएनओजी) को पांच भारतीय मोर भेंट किए हैं, जिनमें एक दुर्लभ सफेद पंखों वाला मोर भी शामिल है। इसके साथ ही भारत ने दशकों पुरानी परंपरा को फिर से जीवित किया है।

शुक्रवार को यहां आयोजित एक विशेष समारोह में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि अरिंदम बागची ने औपचारिक रूप से पांचों मोर यूएनओजी की महानिदेशक टाटियाना वालोवाया को सौंपे और भारत की समृद्ध प्राकृतिक विरासत और बहुपक्षीय सहयोग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

इन पांच युवा मोरों में चार नीले मोर और एक सफेद पंखों वाला नर मोर शामिल है। जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र से जुड़े नीले और सफेद रंगों को प्रदर्शित किया।

भारत द्वारा यूएनओजी को मोर भेंट करने का यह दूसरा अवसर है। इससे पहले 1981 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने दिल्ली चिड़ियाघर से मोरों का एक प्रजनन जोड़ा भेजा था।

भारतीय दूतावास ने कहा, ‘‘ भारतीय मोर सुंदरता, गरिमा और मजबूती का प्रतीक है। यह जैव विविधता के संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’

जिनेवा में भारत के स्थायी दूतावास की ओर से जारी बयान के अनुसार, वालोवाया ने इस पहल के लिए भारत सरकार का आभार व्यक्त किया।

जिनेवा बायोपार्क चिड़ियाघर के निदेशक टोबियास ब्लाहा ने कहा, ‘‘यह वास्तव में उनके लिए एक आदर्श स्थान है।’’

मोरों को शुरुआत में लगभग तीन महीने तक एक सुरक्षित परिसर में रखा जाएगा। इसके बाद उन्हें एरियाना पार्क में खुले रूप से घूमने दिया जाएगा। एरियाना पार्क 46 हेक्टेयर में फैला है और जिनेवा के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित उद्यानों में से एक है।

भारतीय दूतावास ने कहा कि भारत द्वारा दिए गए मोर संयुक्त राष्ट्र परिसर की जैव विविधता को बढ़ाएंगे और भारत की प्राकृतिक विरासत तथा सांस्कृतिक मूल्यों को प्रदर्शित करेंगे।

भाषा शोभना रंजन

रंजन