भारतीय छात्र ‘बाफ्टा यंग गेम डिजाइनर्स अवार्ड’ की दौड़ में शामिल

भारतीय छात्र ‘बाफ्टा यंग गेम डिजाइनर्स अवार्ड’ की दौड़ में शामिल

भारतीय छात्र ‘बाफ्टा यंग गेम डिजाइनर्स अवार्ड’ की दौड़ में शामिल
Modified Date: June 6, 2026 / 06:51 pm IST
Published Date: June 6, 2026 6:51 pm IST

(एचएस राव)

लंदन, छह जून (भाषा) ब्रिटेन के एक विश्वविद्यालय में पढ़ रहे एक भारतीय छात्र को भारत के एक कारखाने में काम करने वाले मजदूर के जीवन पर आधारित गेम के लिए ‘बाफ्टा यंग गेम डिजाइनर्स अवार्ड’ के लिए ‘शॉर्टलिस्ट’ किया गया।

स्कॉटलैंड के ग्लासगो स्थित ‘स्ट्रैथक्लाइड’ विश्वविद्यालय के कंप्यूटर एवं सूचना विज्ञान विभाग में प्रथम वर्ष के छात्र डार्सी ढांडा को उनके गेम ‘माया’ के लिए 15-18 वर्ष के आयु वर्ग में नामांकित किया गया ।

यह गेम एक विधवा की कहानी पर आधारित है, जो एक कपड़े के कारखाने में लंबे समय तक काम करती है, साथ ही एक बच्चे का पालन-पोषण करती है और गरीबी से जूझती है।

गेम में कारखाने के काम और घरेलू जीवन को दर्शाने वाले कई छोटे-छोटे दृश्यों का उपयोग कर मुख्य पात्र के सामने आने वाले दबावों को उजागर किया गया है।

‘स्ट्रैथक्लाइड’ विश्वविद्यालय के कंप्यूटर एवं सूचना विज्ञान विभाग के प्रमुख प्रोफेसर मार्टिन हाल्वे ने कहा, “डार्सी का नामांकन उनकी रचनात्मकता और गेम डिजाइन के माध्यम से सार्थक कहानियां कहने की उनकी क्षमता को दर्शाता है।”

डार्सी ने कहा, “गेम की कार्यप्रणाली वास्तविक जीवन की कार्य परिस्थितियों पर आधारित है और खिलाड़ियों को माया की वास्तविकता की झलक देती है। मैं कुछ ऐसा बनाना चाहता था जिससे लोग भावनात्मक रूप से जुड़ सकें।”

उन्होंने कहा, “आप दिन भर सिलाई मशीन पर काम करते हैं और यहां तक कि बार-बार दोहराई जाने वाली क्रियाएं भी इस प्रकार के काम के शारीरिक तनाव को दर्शाती हैं। लोग अक्सर इन वास्तविकताओं के बारे में नहीं सोचते।”

छात्र ने कहा, “मैंने खेल की पृष्ठभूमि भारत में रखने का फैसला किया क्योंकि मैं खुद भारतीय हूं और मुझे लगा कि मेरे पास कहानी को बताने के लिए सांस्कृतिक समझ है।”

पुरस्कार की जीत से जुड़ा समारोह 18 जून (बृहस्पतिवार) को बाफ्टा के यूट्यूब चैनल पर लाइव प्रसारित किया जाएगा।

भाषा जितेंद्र संतोष

संतोष


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