सिंधु जल संधि ‘वैध, बाध्यकारी और लागू’ है: पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री डार

सिंधु जल संधि 'वैध, बाध्यकारी और लागू’ है: पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री डार

सिंधु जल संधि ‘वैध, बाध्यकारी और लागू’ है: पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री डार
Modified Date: June 30, 2026 / 09:27 pm IST
Published Date: June 30, 2026 9:27 pm IST

इस्लामाबाद, 30 जून (भाषा) पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशहाक डार ने मंगलवार को कहा कि उनका देश सिंधु जल संधि को रद्द करने के भारत के फ़ैसले को खारिज करता है और यह ‘‘अब भी वैध, बाध्यकारी और लागू है।’’

भारत ने पिछले साल अप्रैल में पाकिस्तान के साथ 1960 की संधि को स्थगित कर दिया था। यह कदम फरवरी में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में उठाया गया था जिसमें 26 लोग मारे गए थे।

‘रेडियो पाकिस्तान’ की खबर के अनुसार, इस्लामाबाद में सिंधु जल संधि पर आयोजित एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए डार ने दावा किया कि ‘‘कोई भी पक्ष एकतरफा तौर पर ऐसी संधि के तहत अपनी जिम्मेदारियों को स्थगित या समाप्त नहीं कर सकता जिसमें ऐसा कोई प्रावधान न हो।’’

उन्होंने कहा कि सिंधु जल संधि केवल पानी के बंटवारे की व्यवस्था नहीं है, बल्कि ‘‘क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सहयोग का एक अहम साधन’’ है।

मंत्री ने कहा कि साझा जल-संसाधन ‘‘सहयोग, बातचीत और अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान के आधार पर देशों के बीच एक सेतु बने रहने चाहिए, ताकि वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों का भला हो सके।’’

उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान को ‘‘सही तौर पर आवंटित’’ पानी से वंचित करने की किसी भी कोशिश के क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर ‘‘गंभीर परिणाम’’ होंगे।

सिंधु जल संधि पर 19 सितंबर 1960 को हस्ताक्षर किए गए थे। सीमा-पार बहने वाली नदियों से जुड़े मुद्दों के समाधान और प्रबंधन के उद्देश्य से यह समझौता नौ वर्षों की लंबी वार्ताओं के बाद अस्तित्व में आया था।

भाषा आशीष नरेश

नरेश


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