इंकलाब मंच ने हादी की हत्या मामले में दायर आरोप पत्र खारिज किया, चेतावनी दी

इंकलाब मंच ने हादी की हत्या मामले में दायर आरोप पत्र खारिज किया, चेतावनी दी

इंकलाब मंच ने हादी की हत्या मामले में दायर आरोप पत्र खारिज किया, चेतावनी दी
Modified Date: January 7, 2026 / 01:53 pm IST
Published Date: January 7, 2026 1:53 pm IST

ढाका, सात जनवरी (भाषा) बांग्लादेश में इंकलाब मंच ने अपने नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मामले में दायर पुलिस के आरोपपत्र को खारिज कर दिया और आरोप लगाया कि इस हत्याकांड में सरकारी तंत्र भी शामिल है।

बांग्ला समाचार पत्र प्रथम ऑलो की खबर के अनुसार पार्टी ने मंगलवार को चेतावनी दी कि अगर न्याय नहीं मिला तो जिन लोगों ने “खून बहाया है”, उन्हें “खून का जवाब खून से” देने पर मजबूर होना पड़ सकता है।

ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) ने हत्या के मामले में मुख्य आरोपी फैसल करीम मसूद समेत 17 लोगों के खिलाफ मंगलवार को औपचारिक आरोप पत्र दायर किया।

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पुलिस का कहना है कि अवामी लीग समर्थित वार्ड काउंसलर तैजुल इस्लाम चौधरी बप्पी के कहने पर “राजनीतिक प्रतिशोध” के तहत हादी की हत्या की गई।

इंकलाब मंच के सदस्य सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर ने कहा कि “कोई पागल ही इस बात पर विश्वास करेगा” कि हादी की हत्या सिर्फ एक वार्ड काउंसलर के कहने पर हुई। उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी पुलिस के आरोप पत्र को स्वीकार नहीं करती।

जाबेर ने दावा किया कि इस हत्या में एक पूरा “अपराधी गिरोह” और “सरकारी मशीनरी” शामिल है।

उन्होंने कहा, “जब तक इन लोगों को सजा नहीं मिलती, हमारा संघर्ष जारी रहेगा। जिस आरोप पत्र में उनके नाम नहीं होंगे, वह हमें मंजूर नहीं है।”

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने न्याय की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन किए, लेकिन आरोपपत्र से साफ है कि सरकार ने जनता की भावना को नजरअंदाज किया और “लोगों को मूर्ख समझा।”

जाबेर ने चेतावनी दी कि अगर हादी की हत्या के मामले में न्याय नहीं मिला और इस मामले में “भारतीय दबाव” खत्म नहीं हुआ, तो लोग इसके नतीजे खुद अपनी आंखों से देखेंगे।

उन्होंने कहा, “इन लोगों ने खून बहाया है, जरूरत पड़ी तो इनका भी खून बहाया जाएगा।”

इंकलाब मंच के प्रवक्ता हादी (32) जुलाई-अगस्त 2024 के जन आंदोलनों के दौरान राष्ट्रीय स्तर चर्चा में आए थे। इन आंदोलनों के कारण शेख हसीना सरकार गिर गई थी। 12 दिसंबर को ढाका में चुनाव प्रचार के दौरान सिर में गोली मारकर हादी की हत्या कर दी गई थी।

वह 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव के लिए उम्मीदवार भी थे। इलाज के लिए उन्हें सिंगापुर ले जाया गया, लेकिन 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।

मंगलवार को ढाका में संवाददाता सम्मेलन में डीएमपी की डिटेक्टिव ब्रांच के अतिरिक्त आयुक्त एमडी शफीकुल इस्लाम ने कहा कि आरोपी मसूद अवामी लीग की छात्र शाखा छात्र लीग से जुड़ा था।

उन्होंने कहा कि हत्या बप्पी के कहने पर की गई और बप्पी ने मसूद व एक अन्य आरोपी आलमगीर शेख को भागने में मदद की।

बप्पी पलाबी थाना छात्र लीग का अध्यक्ष भी रह चुका है।

पिछले साल मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने अवामी लीग और उसकी छात्र शाखा पर प्रतिबंध लगा दिया था।

हादी की हत्या से बांग्लादेश में फिर से राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और भारत के साथ रिश्तों में भी खटास आई है। कुछ समूहों ने इस मामले में भारत का हाथ होने का आरोप लगाया है।

भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें “दुष्प्रचार” बताया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पिछले महीने नयी दिल्ली में कहा था कि बांग्लादेश की कानून-व्यवस्था वहां की सरकार की जिम्मेदारी है और इस मुद्दे को गलत दिशा में मोड़ना पूरी तरह गलत है।

भारत ने यह भी कहा है कि वह बांग्लादेश में शांति और स्थिरता चाहता है और हादी की हत्या की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

दरअसल 28 दिसंबर को ढाका पुलिस ने दावा किया था कि आरोपी मसूद और शेख स्थानीय लोगों की मदद से हलुआघाट सीमा के रास्ते भारत के मेघालय भाग गए।

लेकिन मेघालय की सुरक्षा एजेंसियों ने इस दावे को “बेबुनियाद व भ्रामक” बताया।

मेघालय में बीएसएफ के आईजी ओपी ओपाध्याय ने कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि किसी ने उस इलाके से अंतरराष्ट्रीय सीमा पार की हो।

मेघालय पुलिस ने भी कहा कि आरोपियों की मौजूदगी को लेकर उसके पास कोई पुख्ता जानकारी नहीं है।

भाषा जोहेब मनीषा

मनीषा


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