आईएनएस उदयगिरि का दौरा श्रीलंका के साथ मिलकर काम करने के भारत के संकल्प का प्रतीक है: राजनाथ सिंह

आईएनएस उदयगिरि का दौरा श्रीलंका के साथ मिलकर काम करने के भारत के संकल्प का प्रतीक है: राजनाथ सिंह

आईएनएस उदयगिरि का दौरा श्रीलंका के साथ मिलकर काम करने के भारत के संकल्प का प्रतीक है: राजनाथ सिंह
Modified Date: September 9, 2026 / 11:21 pm IST
Published Date: September 9, 2026 11:21 pm IST

कोलंबो, नौ सितंबर (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि आईएनएस उदयगिरि की कोलंबो यात्रा भारत की श्रीलंका के साथ दोनों देशों के लोगों के कल्याण के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

उन्नत स्वदेशी स्टील्थ गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस उदयगिरि मंगलवार को कोलंबो बंदरगाह पहुंचा। जहाज का चालक दल श्रीलंकाई नौसेना के साथ सद्भावना कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के अलावा पर्यटन और सांस्कृतिक स्थलों का दौरा करेगा।

आईएनएस उदयगिरि चक्रवात दित्वा के दौरान सबसे पहले मदद पहुंचाने वाले जहाजों में शामिल था और उसने श्रीलंकाई लोगों तक राहत सहायता पहुंचाई थी।

सिंह ने कहा, “भारत श्रीलंका के सबसे करीबी पड़ोसी और सभ्यतागत जुड़वां के रूप में हर परिस्थिति में उसके साथ खड़ा रहेगा। हम एक दूसरे के सुख दुख के साथी बने रहेंगे।”

उन्होंने कहा कि दोनों देश साझा सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सभ्यतागत विरासत से जुड़े हैं और हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण साझेदार हैं।

उन्होंने कहा ,“समुद्र दोनों देशों को अलग नहीं करता, बल्कि लोगों के बीच गहरे संबंधों के जरिए जोड़ता है।”

सिंह ने कहा कि क्षमता निर्माण द्विपक्षीय रक्षा सहयोग का महत्वपूर्ण स्तंभ है और समुद्री सहयोग में भारत-श्रीलंका के बीच और गहरे जुड़ाव की संभावना है।

उन्होंने बताया कि दोनों देश श्रीलंकाई सेना की क्षमता बढ़ाने के लिए एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशाला स्थापित करने पर भी काम करेंगे।

भाषा राखी प्रशांत

प्रशांत


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