फारस की खाड़ी में ईरान और अमेरिका ने एक-दूसरे पर हमले किये

फारस की खाड़ी में ईरान और अमेरिका ने एक-दूसरे पर हमले किये

फारस की खाड़ी में ईरान और अमेरिका ने एक-दूसरे पर हमले किये
Modified Date: June 3, 2026 / 10:14 pm IST
Published Date: June 3, 2026 10:14 pm IST

दुबई, तीन जून (एपी) ईरान के ड्रोन हमले में एक टर्मिनल इमारत को नुकसान पहुंचने और एक व्यक्ति की मौत के बाद कुवैत ने देश के मुख्य हवाई अड्डे को बुधवार को कुछ समय के लिए बंद कर दिया।

यह ड्रोन हमला तब किया गया जब मंगलवार देर रात ईरान और अमेरिका ने एक-दूसरे पर मिसाइल हमले किये थे।

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों ने दावा किया कि देश ने अमेरिका और इजराइल के साथ युद्धविराम की अवधि बढ़ाने के बारे में मध्यस्थों के साथ वार्ता बंद कर दी है। एक क्षेत्रीय अधिकारी ने कहा कि ईरान चाहता था कि वार्ता फिर से शुरू करने से पहले लेबनान में हुए संघर्ष विराम को पूरी तरह लागू कराया जाये।

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दावे का खंडन किया और कहा कि बातचीत जारी है।

ये वार्ता कई सप्ताह से खिंचती जा रही है और खाड़ी क्षेत्र में बार-बार होने वाले हमलों और लेबनान में इजराइल के बढ़ते हमलों से इन प्रयासों पर असर पड़ रहा है।

इस बीच, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है जो दुनिया के तेल और प्राकृतिक गैस के परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी है।

कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि ‘‘कई दुश्मन ड्रोनों’’ ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की इमारत को निशाना बनाया, जिससे इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और ‘‘कई लोग’’ घायल हो गए।

बाद में, कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई है।

सरकारी मीडिया ने अपनी खबर में बताया कि कुवैत एयरवेज ने अपनी उड़ानों का परिचालन निलंबित कर दिया था।

नागरिक उड्डयन अधिकारियों ने कहा कि हवाई अड्डे को बाद में आंशिक रूप से फिर से खोल दिया गया और कुवैत एयरवेज की उड़ानें प्रभावित टर्मिनल के बजाय दूसरे टर्मिनल से शुरू हुईं।

अमेरिकी सेना ने दावा किया कि ईरान ने कुवैत पर दो मिसाइलें दागीं जिन्हें रास्ते में मार गिराया गया।

अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने कुवैत और बहरीन पर दागी गई ईरानी मिसाइलों के जवाब में ईरान के एक सैन्य स्टेशन को निशाना बनाया।

ईरान के अर्धसैनिक ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने स्वीकार किया कि उसने पांचवें बेड़े के मुख्यालय और एक अन्य देश में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था, लेकिन उसने कुवैत का नाम नहीं लिया। उसने कहा कि ये हमले केशम द्वीप पर हुए हमलों के जवाब में किये गये थे।

मध्यस्थता में शामिल एक क्षेत्रीय अधिकारी ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि ईरान ने मंगलवार को वार्ता नहीं की, जबकि पहले उसने कहा था कि बातचीत जारी रखने के लिए लेबनान में संघर्ष विराम लागू होना आवश्यक है।

ट्रंप ने वार्ता रुकने संबंधी खबरों को ‘‘झूठा और भ्रामक’’ बताया।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमारे बीच बातचीत लगातार जारी है। वे किस दिशा में ले जाएंगे, यह कोई नहीं जानता, लेकिन जैसा कि मैंने ईरान से कहा कि अब समय आ गया है कि किसी न किसी तरह आपको एक समझौता करना ही होगा।

बुधवार को जारी एक पॉडकास्ट साक्षात्कार में, ट्रंप ने उस रिपोर्ट की पुष्टि की जिसमें कहा गया था कि उन्होंने सोमवार को एक फोन कॉल में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ‘‘असंयत’’ कहा था।

ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट के ‘‘पॉड फोर्स वन’’ कार्यक्रम में कहा कि वह इस बात से ‘‘थोड़ा परेशान’’ थे कि हिजबुल्ला के साथ इजराइल की लड़ाई ईरान के साथ बातचीत में बाधा डाल रही है।

ट्रंप ने हालांकि कहा कि नेतन्याहू के साथ उनके संबंध अच्छे हैं और ‘‘हमने साथ मिलकर बहुत अच्छा काम किया है।’’

एपी देवेंद्र अविनाश

अविनाश


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