ईरान और इजराइल में ठनीं, दोनों तरफ से रॉकेट- मिसाइल वार, देखें वीडियो

ईरान और इजराइल में ठनीं, दोनों तरफ से रॉकेट- मिसाइल वार, देखें वीडियो

ईरान और इजराइल में ठनीं, दोनों तरफ से रॉकेट- मिसाइल वार, देखें वीडियो
Modified Date: November 29, 2022 / 08:42 pm IST
Published Date: May 10, 2018 10:19 am IST

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से अलग होने बाद ईरान और इजराइल में तनाव की स्थिति बनने की खबरें सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार कई दिनों से ISIS  के हमलों से शांत सीरिया के गोलन हाइट्स स्थित इजरायली सेना के ठिकानों पर ईरानी सेना ने कई रॉकेट और मिसाइलें दागी हैं। मिली जानकारी के अनुसार ईरान द्वारा मिसाइलें दागने के बाद इजराइल ने भी ईरानी सेना के ठिकानों पर 60 मिसाइलें दागी गई हैं।  जिससे दोनों देशों में तनतना की स्थिति बन गई है।

 

इस तनातनी को लेकर नेतन्याहू सरकार का दावा है कि इजरायल अधिकृत गोलन हाइट्स में सीरिया से सटी सीमा पर उसके सैन्य ठिकानों पर अटैक किया गया, जिसमें 20 रॉकेट और मिसाइल दागे गए। बेंजामिन नेतन्याहू ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के बाद कहा कि इजरायल को ईरान से अपनी सुरक्षा करने का पूरा हक है।

 

आपको बता दें कि ट्रंप ने ईरान के साथ इस समझौते को रद्द करते हुए कहा कि मेरे लिए यह स्पष्ट है कि हम ईरान के परमाणु बम को नहीं रोक सकते। ईरान समझौता मूल रूप से दोषपूर्ण है। इसलिए, मैं आज ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका के हटने की घोषणा कर रहा हूं। वैसे राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा इस सौदे कि पहले भी आलोचना की जा चुकी है। 

राष्ट्रपति ओबामा के दौरान वर्ष 2015 में 6 देशों ईरान, अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, रूस और चीन के बीच ईरान परमाणु समझौता हुआ था। इस समझौते को 5+1 के नाम से भी जाना जाता है।  

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान  द्वारा फिर से परमाणु कार्यक्रम शुरू करने को लेकर कहा कि मैं इरान को सलाह दूंगा कि वो ऐसा न करे अगर वो ऐसा करते हैं तो इसके घातक परिणाम हो सकते हैं।

 

आपको बता दें कि अमेरिका द्वारा ईरान के साथ परमाणु सौदा रद्द होने पर भारत असमंजस की स्थिति में है। प्रधानमंत्री मोदी की विदेश कुटनीति के हिसाब से ईरान का बड़ा महत्व है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस सौदे के रद्द होने पर कहा कि भारत ने हमेशा कहा है कि परमाणु समझौते का मुद्दा शांति और बातचीत से ही हल किया जाए। इस मामले में सभी पक्ष रचनात्मक तरीके से भाग लें।

वेब डेस्क, IBC24


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