Reported By: Rajesh Mishra
,Water Crisis in Raipur | Photo Credit: IBC24
रायपुर: Water Crisis in Raipur छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर इन दोनों गंभीर पेयजल संकट से जूझ रही है। कांग्रेस भाजपा दोनों के राज में राजधानी टैंकर मुक्त हो नहीं पाई है। हालत ये है कि राजधानी के 70 में से 35 वार्ड टैंकर के भरोसे हैं। वहीं 12 वार्ड ऐसे है जहां बारहों महीने टैंकर भेजना पड़ता है। नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव भी इस बात को स्वीकार करते हैं उनका कहना है कि पानी का संकट दूर करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।
Water Crisis in Raipur जैसे-जैसे गर्मी बढ़ते जा रही है वैसे-वैसे राजधानी में पानी के लिए त्राहि-त्राहि मच रही है। हालत यह है की राजधानी के 70 वार्ड में से 35 वार्ड टैंकर के भरोसे चल रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी रायपुर नगर निगम के जोन 3 ,5 और 9 के वार्डों में है। वहां पर दिन भर में पानी टैंकर के 100 फेरे लग रहे फिर पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। स्थिति यह है कि महापौर मीनल चौबे के इलाके के खूबचंद बघेल वार्ड और भक्त माता कर्मा वार्ड के लोगों कल परेशान होकर प्रदर्शन किया। इसके अलावा, कचना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी , खुमारडीह, पंडरी शीतलाचौक, शंकर नगर, आवंति बिहार कालोनी, मोवा, सड्डू सहित राजधानी के आउटर की कॉलोनी बीएसपी कॉलोनी में पिछले पखवाड़े से पेयजल संकट बना हुआ है। रायपुर नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी और पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवकुमार डहरिया का कहना है कि बड़ी बड़ी बात करने वाली भाजपा की डबल इंजन सरकार राजधानी वासियों को ही पेयजल उपलब्ध नहीं कर पा रही है।
रायपुर नगर निगम के जलकार्य विभाग के अध्यक्ष संतोष साहू का कहना है कि आउटर की कॉलोनी में पानी की दिक्कत है हम 50 से अधिक टैंकर चला रहे हैं जो दिन भर में तीन से चार फेरे मार रहे हैं। शहर का वाटर लेवल भी गिर गया है इस वजह से इस बार दिक्कत हो रही है। डिप्टी CM और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि रायपुर निगम के कुछ इलाकों में पेयजल की दिक्कत है। समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त राशि स्वीकृत की गई है। पानी संकट दूर करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है।
इस भीषण गर्मी में जिस तरह से राजधानी में अभी से पानी की किल्लत शुरू हो चुकी है उसको देखकर ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में स्थिति नहीं सुधरी तो लोगों का गुस्सा फूट सकता है और ऐसी स्थिति में कांग्रेस को भाजपा की डबल इंजन की सरकार को कोसने का मौका मिलेगा।