ईरान ने अमेरिकी नाकेबंदी खत्म होने पर होर्मुज खोलने का प्रस्ताव दिया : अधिकारी
ईरान ने अमेरिकी नाकेबंदी खत्म होने पर होर्मुज खोलने का प्रस्ताव दिया : अधिकारी
काहिरा, 27 अप्रैल (एपी) ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल देगा बशर्ते अमेरिका इस पर नाकेबंदी खत्म कर दे और युद्ध समाप्त किया जाए। ईरान ने यह भी सुझाव दिया है कि उसके परमाणु कार्यक्रम से जुड़े बड़े मुद्दे पर बातचीत बाद के चरण में की जाएगी। दो क्षेत्रीय अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस प्रस्ताव को स्वीकार करने की संभावना कम ही है और इससे वे मतभेद अनसुलझे ही रह जाएंगे जिनके कारण 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था।
अमेरिका और ईरान जलडमरूमध्य को लेकर आमने-सामने हैं, जिसके जरिये युद्ध से पहले तेल और गैस का महत्वपूर्ण व्यापार होता था। अमेरिकी नाकेबंदी का उद्देश्य ईरान को अपना तेल बेचने से रोकना है, जिससे उसे महत्वपूर्ण राजस्व से वंचित किया जा सके और साथ ही ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सके जहां तेहरान को उत्पादन बंद करना पड़े क्योंकि उसके पास तेल भंडारण के लिए कोई जगह नहीं है।
मध्यस्थता प्रयासों में शामिल अधिकारियों ने कहा कि ईरान ने नयी वार्ता से पहले अमेरिकी नाकाबंदी को समाप्त करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण मतभेदों को दूर करने की कोशिश कर रहा है।
ईरान की तरफ से पाकिस्तान द्वारा अमेरिका को भेजे गए इस प्रस्ताव में उसके परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को आगे के लिए टालने पर जोर दिया गया है।
दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस की यात्रा पर हैं।
पिछले हफ्ते ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच सात अप्रैल को हुए युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया, जिससे काफी हद तक लड़ाई रुक गई है।
रूसी सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास’ के अनुसार, अराघची ने सेंट पीटर्सबर्ग में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की।
रूस के राष्ट्रपति ने संप्रभुता के लिए बहादुरी से लड़ने को लेकर ईरान के लोगों की प्रशंसा की। पुतिन ने कहा कि रूस पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के लिए ईरान और क्षेत्र के अन्य देशों के हित में हरसंभव प्रयास करेगा।
पुतिन के साथ अराघची की मुलाकात ऐसे समय हुई है जब पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच रुकी हुई वार्ता को फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहा है, और सप्ताहांत में इस्लामाबाद में बातचीत होने की उम्मीद थी। हालांकि, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान की अपनी यात्रा रद्द कर दी।
ट्रंप ने घोषणा की थी कि अमेरिकी वार्ताकार अब ईरान के साथ वार्ता के लिए इस्लामाबाद नहीं जाएंगे। ट्रंप ने रविवार को कहा कि अमेरिकी और ईरानी अधिकारी संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए फोन पर बातचीत कर सकते हैं।
ईरान के विदेश मंत्री ओमान, पाकिस्तान के बाद रूस की यात्रा पर गए हैं। पाकिस्तान इस युद्ध में एक प्रमुख मध्यस्थ रहा है, और ओमान लंबे समय से अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ताकार रहा है।
युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान में कम से कम 3,375 लोग और लेबनान में कम से कम 2,509 लोग मारे गए हैं। ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के दो दिन बाद ही इज़राइल और ईरान समर्थित हिज़्बुल्ला आतंकवादी समूह के बीच लड़ाई फिर से शुरू हो गई थी। इज़राइल में 23 और खाड़ी अरब देशों में 12 से अधिक लोग मारे गए हैं। लेबनान में 15 इजराइली सैनिक, क्षेत्र में 13 अमेरिकी सैनिक और दक्षिणी लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के छह शांति सैनिक मारे गए हैं।
एपी आशीष वैभव
वैभव

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