ईरानी राष्ट्रपति क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा के मकसद से आ रहे हैं पाकिस्तान

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ईरानी राष्ट्रपति क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर चर्चा के मकसद से आ रहे हैं पाकिस्तान

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  • Publish Date - June 23, 2026 / 04:35 PM IST,
    Updated On - June 23, 2026 / 04:35 PM IST

इस्लामाबाद, 23 जून (भाषा) ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर इस्लामाबाद पहुंचेंगे। इस दौरे में वह पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं के साथ आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियान एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ विशेष विमान ‘मिनाब 168’ से इस्लामाबाद के लिए रवाना हो चुके हैं। यह यात्रा देश पर हुए अमेरिकी हमलों के पीड़ितों, खासकर मिनाब स्कूल के उन 168 छात्रों को श्रद्धांजलि देने के लिए है जो इन हमलों में मारे गए थे।

अपनी यात्रा के दौरान, पेजेश्कियान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात करेंगे। उप-प्रधानमंत्री इशाक डार, सीनेट के चेयरमैन और नेशनल असेंबली के स्पीकर भी उनसे मुलाकात करेंगे।

ईरान के राष्ट्रपति के तौर पर पाकिस्तान की यह उनकी दूसरी यात्रा है।

रवाना होने से पहले ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी यात्रा का ‘मकसद अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समझौता ज्ञापन को पूरी तरह से लागू करना है’। सरकारी प्रेस टीवी की खबर के अनुसार, उन्होंने कहा कि इस समझौते से पश्चिम एशिया में स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

‘एक्स’ पर एक पोस्ट में पेजेश्कियान ने चेतावनी दी कि ‘बातचीत की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि सहमती प्राप्त दायित्वों के प्रति पूरी प्रतिबद्धता हो और उन्हें ठीक-ठीक लागू किया जाए।’ उन्होंने कहा, ‘‘इस राह में प्रगति को स्वीकार की गई जिम्मेदारियों के व्यावहारिक पालन से मापा जाएगा। समझौते के मसौदे से हटकर दिए गए बयान बातचीत को आगे बढ़ाने में मदद नहीं करते हैं।’’

उनका यह दौरा स्विट्ज़रलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत के बाद हो रहा है, जिसमें दोनों पक्ष 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौता करने के लिए एक प्रारूप पर सहमत हुए थे।

रविवार और सोमवार को स्विट्जरलैंड में ‘लेक ल्यूसर्न समिट’ में हुई उच्च-स्तरीय वार्ता उस इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत हुई जिस पर बृहस्पतिवार को अमेरिका और ईरान ने क्षेत्रीय सुरक्षा और अन्य विवादित मुद्दों पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए हस्ताक्षर किए थे।

भाषा संतोष नरेश

नरेश