इजराइल ने ईरान के बसीज बल के निचले स्तर के अधिकारियों पर हमले किए
इजराइल ने ईरान के बसीज बल के निचले स्तर के अधिकारियों पर हमले किए
बेरूत, 20 मार्च (एपी) इजराइल ने इस सप्ताह ईरान के बसीज बल के एक शीर्ष कमांडर को मारने के बाद एक बार फिर बल के निचले स्तर के अधिकारियों को निशाना बनाकर हमले किए।
राजधानी तेहरान के आसपास बनी बसीज की विभिन्न चौकियों में से एक को निशाना बनाकर ड्रोन दागा गया। इस साल की शुरुआत में हुए विरोध प्रदर्शनों पर नियंत्रण करने में बसीज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इजराइल और अमेरिका ने कहा है कि उनका मकसद लगातार बमबारी करके ईरान की सत्ता को निशाना बनाना है।
निगरानी समूहों के मुताबिक करीब तीन सप्ताह पहले युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग एक-तिहाई हमले अर्धसैनिक बल इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के शीर्ष नेतृत्व और बड़े ठिकानों पर किए गए हैं। साथ ही आईआरजीसी के बसीज स्वयंसेवकों पर भी हमले हुए हैं, जिनका काम ईरान की सरकार के प्रति वफादारी कायम रखना है।
पिछले सप्ताह इजराइल ने बसीज की चौकियों को निशाना बनाना शुरू किया था, जिसके बाद निचले स्तर के सदस्यों के लिए खतरा बढ़ गया था। हालांकि बसीज, पुलिस और रिवॉल्यूशनरी गार्ड की पकड़ बरकरार है। अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि ईरानी लोग सरकार के खिलाफ खड़े होने की अमेरिका और इजराइल की अपील पर ध्यान दे रहे हैं। अनेक लोग हवाई हमलों और अनिश्चितता से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि तेहरान में सुरक्षा बलों की मौजूदगी अब भी डर पैदा करने वाली है। युद्ध पर नजर रखने वाले समूहों के अनुसार, जनवरी में हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के साथ शुरू हुई कड़ी कार्रवाई अब भी जारी है। इस कार्रवाई में अक्सर उन लोगों को निशाना बनाया जाता है जो हमलों के वीडियो बनाते हैं या कई हफ्तों से इंटरनेट बंद होने के बावजूद बाहरी दुनिया से संपर्क करने की कोशिश करते हैं।
माना जा रहा है कि इजराइल बसीज के सदस्यों का मनोबल तोड़ने और उन्हें बल छोड़ने या सेवा करने से इनकार करने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ये हमले कर रहा है।
ईरान की सुरक्षा और विदेश नीति के विशेषज्ञ हामिद रजा अजीजी के अनुसार बसीज के सदस्य विचारधारा के प्रति बेहद समर्पित हैं और “पहले से ही अत्यधिक विकेंद्रीकृत प्रणाली में सबसे अधिक विकेंद्रीकृत बल हैं।”
अजीजी ने कहा कि मंगलवार तड़के शीर्ष कमांडर जनरल गुलाम रजा सुलेमानी की हत्या से बसीज के कामकाज पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि बसीज प्रमुख का चयन विशेषज्ञता के आधार पर नहीं, बल्कि “वैचारिक कट्टरता और सर्वोच्च नेता के प्रति सिद्ध निष्ठा” के आधार पर किया जाता है, और उनकी भूमिका अधिक प्रतीकात्मक होती है।
अजीजी ने कहा, “अधिकांश मामलों में बसीज की इकाइयां स्वायत्त या अर्ध-स्वायत्त रूप से काम करती हैं, खासकर संचालन संबंधी मामलों में।”
एपी जोहेब माधव
माधव

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