Middle East Tension Impact: अब देश के किसानों पर पड़ेगी ‘युद्ध की मार!’.. खेती से जुड़े इन जरूरी सामान के कीमतों में हो सकती है 25% तक की वृद्धि

Middle East Tensions Impact on Agriculture: पश्चिम एशिया संघर्ष से फसल सुरक्षा उद्योग पर 20-25% लागत बढ़ने की आशंका, आपूर्ति बाधित और नकली उत्पादों का खतरा

Middle East Tension Impact: अब देश के किसानों पर पड़ेगी ‘युद्ध की मार!’.. खेती से जुड़े इन जरूरी सामान के कीमतों में हो सकती है 25% तक की वृद्धि

Middle East Tensions Impact on Indian Agriculture || Image- IBC24 News File

Modified Date: March 20, 2026 / 06:31 pm IST
Published Date: March 20, 2026 6:25 pm IST
HIGHLIGHTS
  • फसल सुरक्षा उद्योग में 25% तक लागत बढ़ने की आशंका
  • आपूर्ति बाधित होने से कृषि उत्पादन प्रभावित
  • नकली उत्पादों का बाजार में बढ़ता खतरा

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर भारत के फसल सुरक्षा उद्योग पर भी पड़ सकता है। उद्योग संगठन क्रॉपलाइफ इंडिया के अनुसार, इससे लागत में लगभग 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। (Middle East Tensions Impact on Agriculture) प्रमुख समुद्री मार्गों में बाधा के कारण जरूरी कच्चे माल और कीटनाशकों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे कृषि उत्पादन पर खतरा बढ़ सकता है।

सप्लाई और उत्पादन पर खतरा

उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि इस स्थिति के चलते कृषि सीजन में आवश्यक फसल सुरक्षा उत्पादों की कमी हो सकती है। इससे फसलों की पैदावार और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होने की आशंका है। कई कंपनियों को पहले से ही कम क्षमता पर काम करना पड़ सकता है, जिसका असर उनकी कमाई और रोजगार पर भी पड़ेगा, खासकर छोटे और मध्यम उद्यमों (MSME) पर।

नकली उत्पादों की सप्लाई की चिंता

इसी बीच, आपूर्ति में कमी के कारण बाजार में नकली और घटिया उत्पादों के आने का खतरा भी बढ़ गया है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस अस्थिरता के दौरान अवैध उत्पादों का प्रचलन बढ़ सकता है, जिससे किसानों को नुकसान हो सकता है। (Middle East Tensions Impact on Agriculture) इसलिए निगरानी और नियंत्रण तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता बताई गई है।

उद्योगों ने के सरकारी सहायता की मांग

उद्योगों ने सरकार से घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग देने की अपील की है। क्रॉपलाइफ इंडिया के अनुसार, यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो इसका व्यापक असर कृषि क्षेत्र, रोजगार और अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल सकता है।

एलपीजी का संकट बरकरार

गौरतलब हैं कि, मध्य एशिया संकट के वजह से भारत के कई राज्य एलपीजी के संकट से जूझ रही है। सप्लाई में कमी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने एस्मा लागू करते हुए घरेलु उपभोग को प्राथमिकता देने की बात कही है। (Middle East Tensions Impact on Agriculture) ऐसे में कृषि उद्योग पर पड़ने वाले असर से सरकार अपर दबाव और भी बढ़ सकता है।

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