इजराइल ने सैंकड़ों नौका कार्यकर्ताओं को वापस भेजना शुरू किया
इजराइल ने सैंकड़ों नौका कार्यकर्ताओं को वापस भेजना शुरू किया
तेल अवीव, 21 मई (एपी) इजराइल ने गाजा की नौसैनिक नाकेबंदी को तोड़ने का प्रयास करने वाले सैकड़ों कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया है और उन्हें वापस भेजा जा रहा है। नौका बेड़े के लिए काम करने वाले एक कानूनी संगठन ने यह जानकारी दी।
‘लीगल सेंटर फोर अरब माइनोरिटी राइट्स इन इजराइल’ नामक इस संगठन ने बृहस्पतिवार को कहा कि सभी अंतरराष्ट्रीय कार्यकर्ता निर्वासन के लिए दक्षिणी इजराइली शहर एलाट के पास एक नागरिक हवाई अड्डे की ओर जा रहे हैं।
यह संगठन अदलाह के नाम से जाना जाता है।
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को कहा कि उन्होंने इन कार्यकर्ताओं को ‘जितनी जल्दी हो सके’ निर्वासित करने का निर्देश दिया है। इससे पहले उन्होंने इजराइल के गृहमंत्री को उस भड़काऊ वीडियो के लिए कड़ी फटकार लगाई थी जिसमें वह हथकड़ी पहने और घुटनों के बल बैठे हुए हिरासत में लिए गए इन कार्यकर्ताओं का मजाक उड़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
नेतन्याहू ने कहा कि वैसे तो इजराइल को हमास आतंकवादियों के समर्थकों के ‘उत्तेजक बेड़ों’ को रोकने का पूरा अधिकार है, लेकिन मंत्री इतामार बेन-ग्वीर द्वारा कार्यकर्ताओं से निपटने का तरीका ‘इज़राइल के मूल्यों और मानदंडों के अनुरूप नहीं था।’
अप्रैल में दर्जनों कार्यकर्ताओं की नावें स्पेन से गाजा के लिए रवाना होने लगीं। आयोजकों का कहना था कि वे गाजा पट्टी में रहने वाले लगभग 20 लाख फलस्तीनियों की दयनीय स्थिति की ओर नए सिरे से ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं। तीस अप्रैल को इजरायल ने दक्षिणी ग्रीक द्वीप क्रेते के पास समूह की 20 नावों को रोक दिया और अधिकांश कार्यकर्ताओं को वहीं उतरने के लिए मजबूर कर दिया।
एपी राजकुमार रंजन
रंजन

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