इजराइल ने नहीं दी जेल में बंद फलस्तीनी को बेटी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति

इजराइल ने नहीं दी जेल में बंद फलस्तीनी को बेटी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति

इजराइल  ने नहीं दी जेल में बंद फलस्तीनी को बेटी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति
Modified Date: November 29, 2022 / 08:00 pm IST
Published Date: July 13, 2021 1:57 pm IST

रामल्ला (वेस्ट बैंक), 13 जुलाई (एपी) इजराइल ने फलस्तीनी कार्यकर्ताओं और मानवाधिकार समूहों की अपील के बावजूद जेल में बंद प्रख्यात सांसद को मंगलवार को उनकी बेटी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं दी।

फलस्तीन लिबरेशन पॉपुलर फ्रंट (पीएफएलपी) की अग्रणी सदस्य खालिदा जर्रार (58) हालिया कुछ वर्षों में कभी इजराइल की जेल के अंदर तो कभी बाहर रही हैं। एक सैन्य अदालत ने प्रतिबंधित समूह का सदस्य होने के लिये जर्रार को मार्च में दो साल जेल की सजा सुनाई थी। अक्टूबर में सजा पूरी होने पर उन्हें रिहा किया जाना है।

पीएफएलपी एक सशस्त्र मोर्चा है और इजराइल तथा पश्चिमी देश इसे आतंकवादी संगठन मानते हैं, लेकिन किसी भी हमले में जर्रार की भूमिका सामने नहीं आई है।

पीएफएलपी का सदस्य होने के आरोप में 2015 में जर्रार को 15 महीने की सजा सुनाई गई थी। उन्हें कई महीनों तक प्रशासनिक हिरासत में भी रखा गया, जिसके तहत इजराइल फलस्तीनी संदिग्धों को बिना किसी आरोप के लंबी अवधि के लिए हिरासत में रखता है।

समूह ने कहा कि अल-हक मानवाधिकार समूह के लिए लिंगभेद और जलवायु परिवर्तन से संबंधित मुद्दों पर काम करने वाली उनकी 30 वर्षीय बेटी सुहा रविवार को वेस्ट बैंक के रामल्लाह शहर में मृत पाई गई। समूह ने मौत का कारण नहीं बताया।

अल-हक ने जर्रार की ”मानवीय आधार पर तत्काल और बिना शर्त रिहाई” का आह्वान करते हुए एक अभियान शुरू किया, और कहा कि उसने अन्य देशों के साथ-साथ रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति से भी अपील की थी। हैशटैग ‘फ्री खालिदा जर्रार’ के तहत एक ऑनलाइन अभियान में अन्य कार्यकर्ताओं और अधिकार समूहों से भी आग्रह किया गया। इससे संबंधित एक ऑनलाइन याचिका पर 11,500 से अधिक हस्ताक्षर किये गए हैं।

इजराइल के सुरक्षा मंत्री के प्रवक्ता नतान डबलिन ने कहा कि जेल सेवा ने इस अनुरोध को इसलिये मंजूर नहीं किया क्योंकि जर्रार एक ऐसी कैदी मानी जाती हैं, जिनसे सुरक्षा व्यवस्था को खतरा है। उनके बिना उनकी बेटी का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

न्यूयॉर्क स्थित ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा कि जर्रार की बार-बार गिरफ्तारी अहिंसक राजनीतिक विरोध पर इजरायल की व्यापक कार्रवाई का हिस्सा है।

एपी जोहेब माधव

माधव


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